बारां। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा संचालित गिव अप अभियान जिले में सामाजिक न्याय, स्वैच्छिक त्याग की भावना व गरीबों की सेवा की आदर्श मिसाल बनकर उभरा है। जिले में 98,482 संपन्न लोगों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा का त्याग किया है। अभियान निर्धन के हक में कोई सेंधमारी न हो, इस भावना को सामाजिक कर्तव्य में बदल रहा है।
जिला रसद अधिकारी विश्वजीत सिंह ने बताया कि गिव अप अभियान की सफलता को देखते हुए इसकी अवधि 31 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई है। पात्र और वंचित लोग ही खाद्य सुरक्षा से जुड़ंे इसके लिए विभाग द्वारा पात्रता का सत्यापन-जांच डोर टू डोर करने के साथ नए जुड़े लाभार्थियों की पात्रता की नियमित मोनिटरिंग की जा रही है। इसी क्रम में दुकानवार अपात्र लोगों की सूची बनाकर सार्वजनिक स्थानों, पंचायत समितियों, नगर पालिकाओं, कलेक्ट्रेट, रसद कार्यालय में चस्पा की जाएगी। साथ ही उन्हें नोटिस दिए जाएंगे और गेहूं वसूली की विधिक कार्रवाई शुरू की जाएगी। विभाग द्वारा अपात्रों को चिन्हित करने की प्रक्रिया निरन्तर जारी है। 31 अक्टूबर तक स्वेच्छा से गिव अप नहीं करने वाले अपात्र लाभार्थियों से 1 नवम्बर से 30 रुपये 57 पैसे प्रति किलोग्राम गेहूं की दर से वसूली की जाएगी।
प्रदेश में 37 लाख से अधिक ने किया गिव अप
प्रदेश में गिव अप अभियान में लगभग 37.62 लाख अपात्र लोगों द्वारा स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा छोड़ी गई है। गिव अप अभियान के द्वारा अपात्रों द्वारा खाद्य सुरक्षा छोड़ने के साथ साथ प्रदेश में 27 लाख से अधिक लोगों द्वारा ई केवाईसी संपन्न नहीं करवाई गई, इससे स्वत उनका नाम खाद्य सुरक्षा सूची से हट गया। इस प्रकार खाद्य सुरक्षा सूची में नए पात्र व्यक्तियों के लिए जगह बनी।
ये परिवार खाद्य सुरक्षा में अपात्र
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अनुसार ऐसे परिवार, जिनका कोई भी एक सदस्य सरकारी, अर्द्धसरकारी, स्वायत्तशासी संस्थाओं में नियमित कर्मचारी अधिकारी हो अथवा एक लाख रूपये वार्षिक से अधिक पेंशन प्राप्त करता है, जिस परिवार का कोई भी एक सदस्य आयकरदाता हो तथा ऐसे परिवार जिनके किसी भी एक सदस्य के पास चारपहिया वाहन हो (ट्रेक्टर एवं एक वाणिज्यिक वाहन को छोड़कर), खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत अपात्र होंगे। साथ ही ऐसे परिवार, जिनके सभी सदस्यों की कुल आय एक लाख रुपए वार्षिक से अधिक हो खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत अपात्र होंगे।
’विभागीय पर्यवेक्षण होगा और सघन’
गिव अप अभियान के पर्यवेक्षण के लिए उपायुक्त और संभागीय स्तर के अधिकारियों को नियुक्त किया गया है। हर स्तर पर योजना के सफल क्रियान्वयन और वस्तु स्थिति का फीडबैक लिया जा रहा है।
प्रचार -प्रसार एवं जागृति अभियान
जिला स्तर पर अभियान की सार्थक क्रियान्विति के लिए विभिन्न स्तरों पर बैठकें, उचित मूल्य दुकानदारों, विभागीय अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों के साथ सतत समन्वय किये जाने के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
Author: Third Eye News 24
सत्यमेव जयते




