स्वर्ण समाज एकता मंच के आह्वान पर निकली वाहन रैली, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
बारां। यूजीसी से संबंधित प्रस्तावित व्यवस्था को लेकर स्वर्ण समाज में बढ़ते असंतोष के बीच बुधवार को स्वर्ण समाज एकता मंच के आह्वान पर शहर में दोपहिया वाहन रैली निकाली गई। रैली में विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि, युवा और महिलाएं बड़ी संख्या में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने प्रस्तावित व्यवस्था को वापस लेने तथा सामान्य एवं सवर्ण वर्ग के साथ कथित अन्याय एवं भेदभाव समाप्त करने की मांग उठाई।
रैली दोपहर करीब 3 बजे प्रताप चौक से शुरू हुई। यहां एकत्रित होने के बाद बड़ी संख्या में लोग अपने दोपहिया वाहनों के साथ श्रीराम स्टेडियम, चारमूर्ति चौराहा, विवेकानंद चौराहा होते हुए कोटा रोड से जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। रैली के दौरान प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां और मांगों से संबंधित नारे लगाते हुए चल रहे थे। ‘यूजीसी काला कानून वापस लो’, ‘यूजीसी रोल बैक’, ‘भारत माता की जय’, ‘स्वर्ण एकता जिंदाबाद’, ‘जाति के नाम पर बांटना बंद करो’ सहित अन्य नारों से शहर की सड़कें गूंज उठीं।
कलेक्टर कार्यालय पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कई वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा और रोजगार की व्यवस्थाओं में समान अवसर, योग्यता और संवैधानिक अधिकारों का संतुलित रूप से संरक्षण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वर्ण एवं सामान्य वर्ग के नागरिक लंबे समय से अपने साथ हो रहे कथित अन्याय और अधिकारों की अनदेखी को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठा रहे हैं। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, आंदोलन जारी रखा जाएगा।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
रैली के बाद जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट को प्रधानमंत्री और राजस्थान के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में यूजीसी से संबंधित प्रस्तावित अधिनियम अथवा व्यवस्था को तत्काल वापस लेने या उस पर पुनर्विचार की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की गई। साथ ही सामान्य एवं सवर्ण वर्ग के नागरिकों के साथ किसी भी प्रकार के भेदभाव, अन्याय अथवा अत्याचार की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग रखी गई।
ज्ञापन में शिक्षा एवं रोजगार से जुड़ी नीतियों में योग्यता, समान अवसर और संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित करने, सभी सामाजिक वर्गों के प्रतिनिधियों से संवाद कर उनकी आपत्तियों एवं सुझावों पर विचार करने की मांग भी की गई। प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले नागरिकों के विरुद्ध अनावश्यक दमनात्मक कार्रवाई नहीं करने तथा भविष्य में किसी भी नीति अथवा निर्णय से पहले प्रभावित वर्गों से व्यापक चर्चा करने की मांग उठाई।प्रदर्शन को वैश्य समाज के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष ललित मोहन खंडेलवाल ने संबोधित किया।
Author: Third Eye News 24
सत्यमेव जयते




