यूनाईटेड इण्डिया इश्योरेन्स कम्पनी पर लगाया जुर्माना
बारां। जिला उपभोक्ता आयोग, झालावाड़ ने पॉलिसी जारी होने के बाद परिवादिया को कोई पॉलिसी प्रदान नहीं करने के मामले का निस्तारण् क्रते हुए यूनाईटेड इंडिया इंश्योंरेंस कंपनी पर 15 हजार रूपए का जुर्माना लगाया है। मामले के अनुसार कृष्णाबाई पत्नी जगदीशलाल जाति मेघवाल निवासी ग्राम पाडला पोस्ट हरनावदा जिला झालावाड राज० के परिवाद को स्वीकार करते हुए विपक्षी कंपनी यूनाईटेड इण्डिया इश्योरेन्स कम्पनी लिमिटेड कार्यालय प्प्प् स्प्ब् बिल्डिंग, जीवन निधि द्वितीय, ग्राउण्ड फ्लोर भवानीसिंह रोड अम्बेडकर सर्किल जयपुर को आदेश दिया है कि बतौर क्षतिपूर्ति/हर्जाना के रूप में राशि 10,00,000 रूपए तथा प्रार्थी को हुए मानसिक संताप के रूप में 15,000 रुपए व परिवाद खर्च के रूप में 5,000 रुपए अदा करने के आदेश दिये है।
परिवादी ने जिला आयोग में इस आशय का परिवाद प्रस्तुत किया था की परिवादिया का पति जगदीश लाल के द्वारा एक ऋण खाता दि झालावाड सेन्ट्रल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड शाखा एन.एच-52, झालरापाटन में संचालित किया हुआ था। जिसमें सहकार दुर्घटना बीमा लिया हुआ था तथा जिसकी किश्त प्रार्थी द्वारा अपने खाते से चुकायी हुई थी तथा उसके आधार पर एक पॉलिसी जारी की गई थी। किंतु पॉलिसी जारी होने के पश्चात परिवादिया को कोई पॉलिसी प्रदान नहीं की गई तथा उक्त पॉलिसी के माध्यम से परिवादिया के पति का 10,00,000/-रुपए का दुर्घटना बीमा किया हुआ था। 13 जनवरी को परिवादिया का पति जगदीशलाल मोटरसाईकिल से फाजिलपुर में पाडला जा रहा था। तब उसकी मोटरसाईकिल को पीछे से बस द्वारा टक्कर मार दी।
जिसमें जगदीशलाल की वाहन दुर्घटना में मृत्यु हों गई। मृत्यु के पश्चात सभी आवश्यक क्रियाकर्म करके परिवादिया के द्वारा सभी आवश्यक दस्तावेज जुटाकर प्रथम सूचना रिपोर्ट, पोस्टमार्टम, मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर सभी दस्तावेजो के साथ व्यक्तिगत दुर्घटना दावा सूचना प्रपत्र भेजकर प्रतिपक्षी दि झालावाड सेन्ट्रल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड को प्रदान किया गया जिस पर बैंक द्वारा उक्त प्रदत अग्रिम कार्यवाही हेतु आगे प्रेषित किया गया। प्रेषित करने के पश्चात प्रार्थीया को बीमीत कंपनी यूनाईटेड इण्डिया इश्योरेन्स कम्पनी लिमिटेड का एक पत्र प्राप्त हुआ जिसमें प्रार्थीया के दावे को गलत तौर पर खारिज कर दिया गया। इन सभी परिस्थितियो से परेशान होकर परिवादी ने अपना परिवाद जिला आयोग झालावाड़ में लगाया।
जिला आयोग अध्यक्ष श्री ईश्वरी लाल वर्मा, सदस्य श्री वीरेन्द्र सिंह रावत ने दोनों पक्षो की बहस सुन कर एवं साक्ष्य का अध्ययन कर बीमा कंपनी को आदेश दिया है कि यूनाईटेड इण्डिया इश्योरेन्स कम्पनी लिमिटेड परिवादिया को उसके पति जगदीशलाल की बीमा अवधि के दौरान दुर्घटना में मृत्यु होने पर दुर्घटना बीमा की क्लेम की राशि के 10,00,000/- रुपए (अक्षरे दस लाख रुपए मात्र) आज निर्णय की दिनांक से 45 दिवस की अवधि के भीतर अदा करें। परिवादिया उक्त राशि पर परिवाद पेश करने की दिनांक से प्राप्ती की दिनांक तक 09 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज भी प्राप्त करने की अधिकारिणी होगी।
तथा बीमा कंपनी परिवादिया को मानसिक संताप के रूप में 15,000 रुपए (अक्षरे पन्द्रह हजार रुपए मात्र) व परिवाद खर्च के रूप में 5,000अक्षरे पांच हजार रुपए मात्र) आज निर्णय की दिनांक से 45 दिवस के भीतर अदा करे, 45 दिवस के भीतर उक्त राशि अप्रार्थी संख्या- 1 द्वारा परिवादिया को अदा नहीं करने की अवस्था में परिवादिया उक्त राशि पर 09 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित यह राशि अप्रार्थी संख्या- 1 से प्राप्त करने की अधिकारिणी होगी।
Author: Third Eye News 24
सत्यमेव जयते




