बारां। बारां जिला रीटेल केमिस्ट एसोशियशन व प्रादेशिक दवा विक्रेता समिति द्वारा संयुक्त रूप से मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी बारां संजीव सक्सेना को दवा विक्रेताओं की समस्याओं को लेकर ज्ञापन दिया गया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने अनुबंध के अनुसार 21 कार्य दिवस में भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित के बावजूद 90 से 150 दिनों तक भुगतान प्राप्त नहीं होने की समस्या के समाधान की मांग की। अध्यक्ष लोकेश तिवारी, सचिव धनराज सुमन, कोषाध्यक्ष व प्रादेशिक दवा विक्रेता समिति के बारां जिला प्रभारी किशन शर्मा, संरक्षक प्रेम खंडेलवाल, संगठन मंत्री जयप्रकाश विजय, मनीष सेठी, राजेंद्र गौत्तम, जयेश शर्मा, हेमंत गुप्ता व अमोल गुप्ता ने बताया कि आरजीएचएस दवा विक्रेताओं की समस्याओं के समाधान में कई रिटेलर्स आरजीएचएस में अनुबधित हैं।
उन्हें इस योजना में कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जिसमें समय पर भुगतान ना आने के कारण दवाओं का पूर्ण स्टॉक नहीं रख पा रहें हैं। क्योंकि थोक दवा विक्रेताओं का भुगतान ना होने के कारण दवाओं की पूर्ण आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इसके बावजूद भी दवा विक्रेता का लाभार्थियों को दवाईयां उपलब्ध कर रहे है। ज्ञापन में बताया गया कि आरजीएचएस दवा विक्रेताओं द्वारा लाभार्थियों को दवाई देने में कई कारणों से परेशानी हो रही है। इनमें चिकित्सकों द्वारा उपचार में आरजीएचएस फार्मेट के अनुसार ना लिखना, जैसे वाइटल डाइग्नोज प्रोपर इन्वेस्टिगेशन इत्यादि का उल्लेख ना होने पर बिल को रिजेक्ट कर दिया जाता है। इसके लिए लाभार्थी को कहा जाता है तो वह इसे दवा ना देने का बहाना समझता है।
वहीं चिकित्सकों द्वारा चिकित्सालय में अपने पद व नाम की सील नहीं लगाई जाती है। वे अपने आवास पर मोनोपोली दवाईया लिखते हैं, जिनका स्टॉकिस्ट को पता ना होने के कारण लाभार्थी को दवाईयां उपलब्ध नहीं करा पाते हैं। ज्ञापन में बताया कि आरजीएचएस दवा विक्रेताओं के दस्तावेज जमा नहीं करवाने की वजह से विभाग द्वारा टीएमएस बन्द किये हुये है। इसके द्वारा दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करने के दो माह भी टीएमएस चालू नहीं किये गए हैं। गत वर्ष जून 24 से दिसम्बर 24 तक बहुत सारे बिल टीपीए द्वारा पेंडिग किये गये हुये है। जिसका कोई कारण भी नहीं बताया गया। इसका खमियाजा आरजीएचएस दवा विक्रेताओं को उठाना पड़ रह है।
Author: Third Eye News 24
सत्यमेव जयते




