बारां-मांगरोल रोड का निर्माण कराने और मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने सौंपा था ज्ञापन
बारां। लंबे समय से खस्ता हाल पड़े बारां-मांगरोल रोड़ का निर्माण कराने एवं अतिवृष्टि से तबा हुए फसल के मुआवजे की मांग को लेकर 8 सितम्बर को बड़ा की बावड़ी पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। किसान नेता एवं मोदी फोर्स के संयोजक महेंद्र सिंह राठी, युवा नेता जयेश गालव, हेमंत मीणा रजपाली आदि ने शुक्रवार को इस संबंध में जिला कलेक्टर को लिखित में सूचना दे दी है। उल्लेखनीय हैं कि 20 अगस्त को किसानों व क्षेत्रवासियों ने प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा था, जिसमें 4 दिन में रोड़ का निर्माण या मरम्मत का काम शुरू करवाने का आश्वासन दिया गया था।

लेकिन 10 दिन का समय बीत जाने के बावजूद काम शुरू नहीं किया गया। ज्ञापन में बताया गया था कि मांगरोल स्टेट हाइवे की इतनी भयंकर दुर्दशा कि शब्दों में बताया कर पाना मुश्किल है। इस मुख्य सड़क पर बारां से मांगरोल व माल बमोरी तथा जयपुर व श्योपुर (म.प्र) तक के वाहनों का आवागमन रहता हैं। इस मार्ग पर सभी प्रकार के वाहन जिसमें मोटरसाइकिल, ट्रैक्टर, ट्रक, बस आदि के आवागमन में समस्या आती है। किसानों को फसल लेकर जाने में भी समस्या आती है। यह स्टेटराज मार्ग होते हुए भी बहहाल है। यह सड़क पिछले 15 साल से बड़े-बड़े गड्ढ़ो में तब्दील हो गई हैं। सबसे ज्यादा पीड़ा का शिकार ये गावं बड़ा की हैं।
ग्राम समसपुर, लिहाड़िया, भड़सुई, रानीहेड़ा, बोरेडी आकडी, खेराली, तिसाया, पीलीया, बड़ा, कोयला, रेबारपुरा, मियाडा, कोटड़ी, उल्थी, बमूलिया, चेनपुरा, खेडी, बोहत, भगवानपुरा, भटवाड़ा, झाडवा, पाडलिया, हिंगोनिया, श्यामपुरा, मुण्डिया तथा बारां से मांगरोल मालबमोरी तक के सभी गाव इसकी चपेट में हैं। इसी में दूसरी मांग किसानों की फसल खराबी व प्रकृति प्रकोप का मुआवजा दिलवाना है। ज्ञापन में बताया गया था कि इस वर्ष सभी किसानों को प्रकृति की मार को झेलना पड़ रहा हैं। कुछ किसान तो भयंकर वर्षा के कारण बुआई तक नहीं हो पाई हैं। जिनके बुआई हो गई के फसल या तो गल गई। यह फसल खराब हो गई है। इसलिए किसानों की जमीन का मुआवजा दिलवाने का काम प्रशासन करना अतिआवश्यक है।
Author: Third Eye News 24
सत्यमेव जयते




