कर्म भोगे बिना नही होता छुटकारा
बारां। श्री जैन श्वेताम्बर नवयुवक मण्डल के अशोक बोरड़िया, गौत्तम बोरडिया, गौत्तम मारू ने बताया कि पर्वाधिराज पर्यूषण पर्व की आराधना करवाने हेतु, उपासना मंदिर अरिहंत बंगलो-मुम्बई (महाराष्ट्र) से पधारे साधर्मिक क्रिश सतीश भाई रांका, कलश अश्विन भाई ने पर्यूषण पर्व के सातवें दिन अपने व्याख्यान में महावीर स्वामी, भगवान पाश्र्वनाथ, नेमीनाथ एवं आदिनाथ के जीवन के बारे में विस्तार से बताया। उन्होनें कहा कि भगवान महावीर स्वामी निर्वाण को प्राप्त हुए, मोक्ष में गए। उनका मोक्ष कल्याणक हुआ। प्रभु महावीर हम से सात राजलोक ऊपर जाकर विराजमान हो गए।

हमें भी उसी ऊंचाई तक जाना है। लेकिन किस प्रकार जा सके इसके लिए घबराने की आवश्यकता नही है, ऐसा विचार नही करे कि इतनी ऊंचाई से गिरने पर तो हड्डिया टूट जावेगी। नीचे नरक की असहनीय पीड़ा और ऊपर मोक्ष की सुंदर मंदरिया है। चन्द्रप्रभू महिला मण्डल अध्यक्ष उर्मिला जैन भाया, यशोदा, प्रांजल नेहा बोरडिया, ज्योति शर्मा ने बताया कि चन्द्रप्रभू मंदिर पर धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है। मंगलवार की स्नात्र बीना-हसमुख भाई, जतिन-ऋचा गाठाणी परिवार एवं भोजन कान्तिचन्द-विजया श्रीमाल, विरेन्द्र कुमार-मोना, दिनेश-पूजा श्रीमाल सपरिवार की तरफ से रहा। पर्यूषण पर्व पर आयोजित कार्यक्रम में नवयुवक मण्डल, महिला मण्डल सहित सकल श्रीसंघ उपस्थित रहा।
राहुल, यश मारू, प्रीतम, यश बोरडिया ने बताया कि पर्यूषण पर्व के सातवें दिन साधर्मिक बंधुओं ने बताया कि इस मंजिल पर पहुंचना हैं। ये संकल्प कीजिए। इस संकल्प का बीज मनुष्य जन्म में बोया जा सकता है। मोक्ष रूपी फल की प्राप्ति भी दूसरे मनुष्य जीवन में होनी है। कायरता को झटकार कर ऊपर जाने का प्रयत्न करें। सर्वोच्च स्थान पर जाने के बाद गिरने की कोई संभावना नही है। ज्ञान की अलख नम्बर की झलक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें चतुर्वेद संघ के प्रथम विजेता राहुल मारू रहे। मोक्ष गौत्तम मारू विरेन्द्र श्रीमाल, नेहा बोरडिया के नाम रहा। इस दौरान सकल श्री संघ उपस्थित रहा।
Author: Third Eye News 24
सत्यमेव जयते




