बारां। महिला अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक सतीश परिहार के निर्देशन में मंगलवार को जिला परिषद के जन सुविधा केन्द्र, बारां में ‘महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम 2013’ विषय पर ब्लॉक स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की शुरुआत ब्लॉक सुपरवाइजर मोनिका शर्मा द्वारा ब्लॉक स्तरीय अधिकारी, आंतरिक एवं स्थानीय शिकायत समिति के अध्यक्ष, सदस्यों के स्वागत से हुई। उन्होंने बताया कि इस अधिनियम के तहत ब्लॉक स्तर पर नोडल अधिकारी उपखंड अधिकारी होते हैं। कार्यशाला में अधिवक्ता हरिनारायण सिंह ने अधिनियम की महत्ता एवं प्राथमिक उद्देश्यों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह कानून कार्यस्थल पर महिलाओं को यौन उत्पीड़न से सुरक्षा, रोकथाम एवं शिकायत निवारण का अधिकार प्रदान करता है।

अधिनियम की धारा 4 के अंतर्गत आंतरिक शिकायत समिति का गठन प्रत्येक ऐसे कार्यस्थल पर अनिवार्य हैं। जहाँ 10 या उससे अधिक कर्मचारी हों। समिति में एक वरिष्ठ महिला अध्यक्ष, कम से कम आधी महिला सदस्य सामाजिक, कानूनी क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल होते हैं। इसी प्रकार, अधिनियम की धारा 6 एवं 7 के अंतर्गत स्थानीय शिकायत समिति का गठन जिला स्तर पर किया जाता हैं।जहाँ 10 से कम कर्मचारी कार्यरत हों। इसमें सामाजिक क्षेत्र की महिलाएं एवं गैर-सरकारी प्रतिनिधि शामिल होते हैं। सहायक निदेशक सतीश परिहार ने बताया कि पीड़िता को घटना के 3 माह के भीतर लिखित शिकायत दर्ज करनी होती है। उन्होंने नियोक्ता की जिम्मेदारियों पर कहा कि कार्यस्थल को सुरक्षित बनाना, अधिनियम संबंधी जानकारी नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करना, जागरूकता कार्यशालाएँ आयोजित करना और आईसीसी, एलसीसी को सुविधाएं उपलब्ध कराना अनिवार्य है। उल्लंघन की स्थिति में 50,000 रुपए तक का जुर्माना और पुनरावृत्ति पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है।
Author: Third Eye News 24
सत्यमेव जयते




