[aioseo_breadcrumbs]

बारां बाढ बचाओ परियोजना के तहत जो भी कार्य हुए वो भाजपा की सरकार में हुएः सिकरवार’

’डाइवर्जन के लिए 30 करोड़ के काम निविदा प्रक्रिया मेः विधायक बैरवा’
बारां । भाजपा जिलाध्यक्ष नरेश सिंह सिकरवार ने कहा कि बारां की बाढ बचाओ परियोजना सन 2014 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे व सांसद दुष्यंत सिंह के प्रयास से शुरू हुई तथा उसके तहत 80 प्रतिशत काम भी पूरा हो चुका था। लेकिन न्यायालय के स्थगन आदेश से काम रूक गया। इस काम को वापस प्रारम्भ कराने का प्रयास 2018 से 2023 के बीच की आई काग्रेंस सरकार ने नही किया। जिलाध्यक्ष सिकरवार रविवार को कोटा रोड़ स्थित सांसद कार्यालय पर पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राजस्थान में सबसे अधिक वर्षा बारां जिले में हुई है। लेकिन वसुंधरा राजे व सांसद दुष्यंत सिंह के द्वारा किए गए बाढ नियंत्रण कार्य की वजह से बारां जिले मे कोई बड़ी दुर्घटना नहीं हुई है।

सिकरवार ने कहा कि सन 2011 की बाढ़ में बारां शहर की सिविल लाइन सहित कई बस्तियां जल मग्न हो गई थी व संपूर्ण बारां शहर में रावण जी का चौक, तेल फैक्ट्री व मुख्य बाजारों में 7 से 8 फीट पानी भरा था तथा सिविल लाइन में जिला कलेक्टर निवास की एक मंजिल पानी में डूब गई थी व तत्कालीन जिला कलेक्टर को भी छत पर शरण लेनी पड़ी थी। तब शहर की जनता की प्रमुख मांग थी कि बारां शहर को बाढ से बचाने की कोई कार्य योजना बने। इसी को ध्यान मे रखते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे व सांसद दुष्यंत सिंह ने बारां की बाढ़ बचाव योजना को सरकार के प्रमुख एजेन्डे में लिया तथा 56 करोड़ की राशि स्वीकृत कर तुरंत काम शुरू करवाया। बाद में बजट कम करने पर संशोधित आदेश के जरिये 125 करोड़ व एक और संशोधित आदेश से 150 करोड रुपए की राशि स्वीकृत की ।

उक्त आवंटित राशि मे से 50 करोड रुपए भूमि आवंटन के मुआवजे के रूप में वितरित कर 100 करोड रुपए की राशि निर्माण कार्यों में उपयोग हुई जिसमें 11 कार्य शामिल किए गए। शहर के मध्य से गुजर रहे फॉरेस्ट नाले के डायवर्जन के तहत 2200मी0 नया नाला बनना प्रस्तावित था। जो कोटा रोड से नलका नाले तक बनना था। नाले के प्रारम्भ व अंत का सम्पूर्ण निर्माण उसी समय हो गया था, परन्तु बीच के 700मी0 निर्माण कार्य श्रीमती प्रेम बाई गर्ग नामक भूमि मालिक द्वारा न्यायलय के स्टे के कारण रूक गया। बाद मे कांग्रेस की सरकार बनी तथा प्रमोद जैन भाया केबिनेट मंत्री होने के बाद भी उन्होने इस कार्य को पूर्ण करने मे कोई रूचि नही दिखाई जिस कारण वह काम आज तक पूर्ण नही हो सका है।

इस अवसर पर विधायक राधेश्याम बैरवा ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार के समय सांसद महोदय व मेरे द्वाराअधूरे कार्य को पूरा करने के प्रयास किये तथा शहर के भीतरी इलाके जैसे प्रताप चौक व धर्मादा चौराहे पर पानी भरने की समस्या को गंभीरता से लेते हुए, प्रताप चौक से धर्मादा चौराहे होते हुए फॉरेस्ट नाले तक ड्रेन निर्माण व खजूरपुरा तिराहे व दीनदयाल पार्क से धर्मादा चौराहे तक ड्रेन निर्माण, चार मूर्ति चौराहे से प्रताप चौक तक ड्रेन निर्माण तथा होंडा शोरूम से पुलिस लाइन रोड होते हुए हाईवे पर होकर फॉरेस्ट नाले तक ड्रेन निर्माण व जेल के पास झालावाड़ रोड से बाणगंगा तक हाईवे के किनारे किनारे ड्रेन निर्माण हेतु 30 करोड की राशि स्वीकृत करवाई तथा यह सब कार्य निविदा प्रकिया मे है तथा शीघ्र निविदा प्रकिया होने के बाद यह काम प्रारम्भ होगे जिससे बारां शहर को बाढ से निजात मिलेगी।

भाजपा जिला प्रवक्ता सचिन सनाढ्य व सह प्रवक्ता योगेश राजोरा ने मीडिया को बताया की सांसद दुष्यन्त सिंह जिलाध्यक्ष नरेश सिंह सिकरवार व बारां अटरू विधायक राधेश्याम बैरवा के नेतृत्व मे 25 अगस्त को मुख्यमंत्री से मिलकर फोरेस्ट नाले पर उच्च न्यायलय का स्टे हटाने हेतु सरकार की ओर से निस्तारण का आग्रह किया जाएगा। प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष नंदलाल सुमन, भाजपा नेता हर गोविंद जैन, राकेश जैन, शहर अध्यक्ष ओपी पारेता, लोकेश शर्मा, नेता प्रतिपक्ष दिलीप शाक्यवाल, रोहित नायक आदि मौजूद रहे।

Third Eye News 24
Author: Third Eye News 24

सत्यमेव जयते

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RELATED LATEST NEWS

Top Headlines

हरिपुरा में समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर विधायक को सौंपा ज्ञापन

बारां। समीपवर्ती बटावदा ग्राम पंचायत के ग्राम हरिपुरा के ग्रामीणों ने सोमवार को पंचायत मुख्यालय पर लगे प्रशासनिक शिविर में

Live Cricket