निर्वाचन विभाग एवं स्कूल शिक्षा विभाग के बीच हुआ एमओयू
प्रदेश के विद्यार्थियों में मतदाता जागरूकता के क्षेत्र में यह एमओयू मील का पत्थर-मुख्य निर्वाचन अधिकारी
एमओयू के माध्यम से स्कूल शिक्षा में निर्वाचन साक्षरता शामिल कर निर्वाचन साक्षरता क्लब (ईएलसी) का सुदृढ़ीकरण एवं सुचारू संचालन संपन्न हो सकेगा-शिक्षा सचिव
बारां। निर्वाचन साक्षरता एवं मतदाता जागरूकता के क्षेत्र में निर्वाचन विभाग एवं स्कूल शिक्षा विभाग के बीच सोमवार को शासन सचिवालय, जयपुर में ऐतिहासिक एमओयू हुआ। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन एवं शासन सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग कृष्ण कुणाल ने इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस संयुक्त एमओयू के तहत राज्य के समस्त माध्यमिक, उच्च माध्यमिक स्तर के राजकीय एवं निजी विद्यालयों में भारत निर्वाचन आयोग की संकल्पना को साकार करते हुए स्कूल निर्वाचन साक्षरता क्लब का सुदृढ़ीकरण एवं ईएलसी गतिविधियों का सुचारू संचालन संपन्न हो सकेगा। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी महाजन ने कहा कि राज्य में स्कूल शिक्षा विभाग के पर्यवेक्षण में राजकीय एवं निजी विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों को शामिल करते हुए निर्वाचन साक्षरता क्लब गठित कर संचालित किया जा रहे हैं।

इन क्लबों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग के लिए शाला दर्पण पोर्टल एवं प्राइवेट स्कूल पोर्टल पर ऑनलाइन ईएलसी एंट्री मॉड्युल उपलब्ध कराया गया है। देश में राजस्थान स्कूल ईएलसी के सुदृढ़ीकरण हेतु डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने वाला संभवतः पहला राज्य है। अब कक्षा 9 से 12वीं में अध्ययनरत 17 वर्ष के समस्त विद्यार्थियों का अग्रिम रूप से मतदाता पंजीकरण आसान होगा और 18 वर्ष की आयु को पूर्ण करते ही विद्यार्थियों को उनका मतदाता पहचान पत्र प्राप्त हो जाएगा, जिससे वो आगामी चुनावों में सक्रिय मतदाता के रूप में अपना कर्तव्य निभा सकेंगे। महाजन ने कहा कि इस एमओयू का उद्देश्य विद्यालय स्तर पर मतदाता शिक्षा, जागरूकता एवं लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करना तथा भावी मतदाताओं में निर्वाचन प्रक्रिया के प्रति समझ विकसित करना है।
साथ ही भविष्य में भारत निर्वाचन आयोग एवं शिक्षा मंत्रालय दृ भारत सरकार के निर्देशन में एनसीईआरटी द्वारा विकसित मतदाता शिक्षा से संबंधित पाठ्यक्रम को राज्य की स्कूल शिक्षा में शामिल किया जाना प्रस्तावित है। शासन सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग कृष्ण कुणाल ने कहा कि इस एमओयू से हम विद्यार्थियों के समग्र विकास की ओर अग्रसर होंगे और उनमें मतदाता शिक्षा एवं लोकतांत्रिक मूल्यों का समावेश हो सकेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान सत्र 2025-26 के शिविरा कैलेंडर में ईएलसी गतिविधियों को पहले ही शामिल कर लिया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत मतदाता जागरूकता से संबंधित अध्याय भी जोड़े जा रहे। राज्य के विद्यालयों में संचालित ईएलसी क्लब एवं आयोजित गतिविधियों की शाला दर्पण पोर्टल के माध्यम से दोनों विभागों द्वारा विभिन्न स्तर पर सतत मॉनिटरिंग की जा रही है।
उन्होंने कहा कि इस एमओयू से हम मतदाता जागरूकता एवं शिक्षा के क्षेत्र में और अधिक प्रतिबद्धता से कार्य कर सकेंगे। कुणाल ने कहा कि निष्पादित किए गए एमओयू के माध्यम से हम निर्वाचन विभाग के साथ संकल्प लेते हैं कि विद्यालयों में निर्वाचन साक्षरता के लिए अनुकूल वातावरण विकसित कर हमारे विद्यार्थियों को उनके वोट के महत्व और मूल्य के बारे में प्रभावी रूप से शिक्षित करेंगे और सशक्त लोकतंत्र की ओर अग्रसर होंगे।
यूथ चला बूथ का विमोचन
इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने निर्वाचन विभाग द्वारा शुरू की गयी त्रैमासिक विभागीय पत्रिका (यूथ चला बूथ) का विमोचन भी किया गया। उन्होंने कहा कि यूथ चला बूथ पत्रिका खास तौर पर युवा मतदाताओं पर केंद्रित है जिसमें प्रमुख रूप से ईएलसी यानी निर्वाचन साक्षरता क्लब में होने वाली जागरूकता गतिविधियों को शामिल किया जाएगा।
कार्यक्रम में राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा अभियान (एसएमएसए), राजस्थान शिक्षा परिषद एवं आयुक्त, स्कूल शिक्षा अनुपमा जोरवाल एवं संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ रौनक बैरागी सहित दोनों विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।
Author: Third Eye News 24
सत्यमेव जयते




