साधार्मिक बंधुओं ने पांच आवष्यक कर्तव्यों के बारे में दिए व्याख्यान
बारां। पर्वाधिराज पर्यूषण पर्व की आराधना कराने हेतु उपासना मंदिर अरिहंत बंगलो-मुम्बई (महाराष्ट्र) से साधर्मिक क्रिश सतीश भाई रांका, कलश अश्विनी भाई बारां पहुंचे। साधर्मिक बंधुओं द्वारा 20 अगस्त से 27 अगस्त तक धार्मिक कार्य सम्पन्न करवाए जाएंगे। जैन श्वेताम्बर मूर्ति पूजक संघ के अध्यक्ष राजेन्द्र रंगावत, निर्माण प्रभारी गौत्तम मारू ने बताया कि पर्वाधिराज पर्यूषण पर्व की आराधना कराने हेतु उपासना मंदिर अरिहंत बंगलो-मुम्बई (महाराष्ट्र) से साधर्मिक क्रिश सतीश भाई रांका, कलश अश्विनी भाई ने प्रथम दिन के व्याख्यान में पर्वाधिराज, तीर्थाधिराज, मंत्राधिराज और यंत्राधिराज के बारे में बताया। उन्होने पर्यूषण महापर्व के पांच आवश्यक कर्तव्यों अमारी प्रवर्तन, साधर्मिक वात्सल्य, क्षमापना, अठ्ठम तप और चैत्य परिपाठी के बारे में जानकारी प्रदान करते हुए इन पांचों कर्तव्यों का पालन करने के लिए बताया गया।

प्रवचन के दौरान साधर्मिक बंधुओं ने कहा कि हमारा पूरा जिनशासन जिज्ञासा के ऊपर टिका हुआ है। और हमे हमारे जिनशासन के लिए हमारे मन में जिज्ञासा होनी चाहिए। चन्द्रप्रभू महिला मण्डल अध्यक्ष एवं जिला प्रमुख उर्मिला जैन भाया, विजया श्रीमाल ने बताया कि प्रतिदिन प्रातः प्रतिक्रमण, भक्ताम्बर, स्नात्र पूजा, व्याख्यान/प्रवचन, सायंकालीन प्रतिक्रमण, आरती, भक्ति के कार्यक्रम सम्पन्न होंगे तथा इस वर्ष भक्ति कार्यक्रम प्रतिदिन रात्रि 9.00 बजे से नवनिर्मित श्री गुणवर्धन शंखेश्वर पाश्र्वनाथ जैन श्वेताम्बर तीर्थ ट्रस्ट बमूलियाकलां पर आयोजित होंगे। कार्यक्रम के दौरान भोजन व्यवस्था बुद्विप्रकाश मारू, सचिन मारू सपरिवार तथा स्नात्र पूजा अशोक कुमार, गौत्तम कुमार, प्रवीण कुमार बोरडिया परिवार की तरफ से रही। इस दौरान नवयुवक मण्डल, महिला मण्डल सहित सकल श्रीसंघ उपस्थित रहा। भाया ने बारां सकल श्रीसंध से अधिक से अधिक आराधना कार्यक्रम में जुडने का आग्रह किया।
Author: Third Eye News 24
सत्यमेव जयते




