बारा। जैन श्वेताम्बर समाज के पर्यूषण पर्व 20 अगस्त बुधवार से प्रारम्भ होने जा रहे है। जैन श्वेताम्बर संघ के अध्यक्ष राजेन्द्र कुमार रंगावत, गौत्तम मारू, अशोक बोरडिया ने हुए बताया कि इस वर्ष सकल श्रीसंघ द्वारा पर्यूषण पर्व 20 अगस्त से 28 अगस्त तक मनाया जावेगा। इस बार पर्यूषण पर्व की आराधना करवाने हेतु उपासरा मंदिर अरिहंत बंगलो-मुम्बई (महाराष्ट्र) से साधर्मिक क्रिश सतीश भाई रांका एवं कलश अश्विनी भाई द्वारा सम्पन्न करवायी जावेगी। चन्द्रप्रभू महिला मण्डल अध्यक्ष एवं जिला प्रमुख उर्मिला जैन भाया ने बताया कि पर्यूषण पर्व जैन धर्म का आध्यात्मिक चिंतन और त्याग का त्योहार है। पर्यूषण का महत्व शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की अशुद्धियों से स्वयं को शुद्ध करना है।
इस त्यौहार के दौरान जैन धर्मावलंबी कई तरह की तपस्या करते हैं। जिसमें उपवास, ध्यान और धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन शामिल है। वे कीड़ों सहित किसी भी जीवित प्राणी को नुकसान पहुंचाने से भी बचते हैं। इस त्यौहार की शुरुआत प्रतिक्रमण समारोह से होती हैं। जिसमें जैन धर्मावलंबी अपने पापों को स्वीकार करते हैं। उन्हें दोबारा न करने की शपथ लेते हैं। वे उन लोगों से भी क्षमा मांगते हैं। जिनके साथ उन्होंने गलत किया है। अगले आठ दिन धार्मिक अनुष्ठानों में व्यतीत होते हैं। जैन धर्मावलंबी मंदिरों में जाते हैं।, प्रवचन सुनते हैं और धार्मिक ग्रंथ पढ़ते हैं। वे उपवास और ध्यान भी करते हैं। आज श्री चन्द्रप्रभू मंदिर पर पर्यूषण पर्व मनाने को लेकर आयोजित कार्यक्रम में सकल श्रीसंघ उपस्थित रहा।
Author: Third Eye News 24
सत्यमेव जयते




