बारां। शहर के मध्य स्थित आर्य समाज मंदिर में रक्षाबंधन पर्व को श्रावणी उपक्रम के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर प्रधान पुरूषोत्तम शर्मा ने कहा कि श्रावण माह स्वाध्याय का महीना है। आर्षग्रंथों का स्वाध्याय करना अपने आप में आत्मोन्नति में सार्थक होता है। सभी सदस्यों ने वेद प्रचार का संकल्प लिया। एक दूसरे के रक्षासूत्र बांधे। अपने राष्ट्रधर्म की रक्षा एवं संवर्धन के लिए प्रण लिया। सबने नवीन यज्ञोपवीत धारण किए। यह त्यौहार भाई व बहन के सात्विक व शुद्ध प्रेम का संदेश देता है।
प्रधान पुरूषोत्तम शर्मा द्वारा आर्य भाई-बहनों को हवन यज्ञ करवाया गया। इसमें श्रावणी उपकर्म की आहुतियां दी गईं। हेमेंंद्र विजय द्वारा वैदिक विनय से श्रावणी पूर्णिमा के मंत्र की व्याख्या की गई। यज्ञ के यजमान भवानीशंकर नागर, देवेंद्र साहू, व राकेश नामदेव ने सपत्नीक यज्ञ संपन्न कराया। स्वष्टीकृत आहूति यज्ञ को प्रदान की व शांतिपाठ किया गया। इस दौरान गजानंद मेहता, नेमीचंद नागर, उदयप्रताप त्यागी, मंत्री सूर्यप्रकाश विजय, रामदयाल मालव, पीयूष मालव, श्रीमती तपस्या, सावित्री नागर व गोविंद तिवारी सहित अन्य आर्यबंधु मौजूद थे। मंत्री सूर्यप्रकाश विजय ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
Author: Third Eye News 24
सत्यमेव जयते




