बारां। संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) धनराज मीणा ने बताया कि कृषि विभागीय तकनिकी टीम द्वारा खरीफ फसलों का रेपिड रोपिंग सर्वे किया। सर्वे टीम द्वारा सोयाबीन, मक्का, उड़द, धान फसलों में कीट व्याधि प्रकोप का सर्वे किया गया। सर्वे टीम द्वारा जिले में इस माह अधिक वर्षा एवं बढ़ते तापमान के कारण कीट प्रकोप कहीं-कहीं देखने को मिला जो अभी तक तो आर्थिक क्षति स्तर से कम पाया गया है। टीम द्वारा सोयाबीन फसल में कहीं-कहीं सेमीलूपर, तम्बाकू लट एवं गर्डल बीटल देखने को मिला है। इसके नियंत्रण के लिए इमामेक्टिन बेंजोएट 5 एस. जी. की 180 ग्राम मात्रा या इण्डोक्साकार्ब 15.8 ईसी की 0.3 लीटर ग्राम मात्रा का 500 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें।
कहीं-कहीं मक्का फसल में तना छेदक व फॉल आर्मी का प्रकोप भी देखने को मिला है। इसके लिए किसान भाइयों को सलाह दी जाती है कि नियमित अपने खेतों का भ्रमण करें व आर्थिक क्षति स्तर से प्रकोप अधिक होने पर 5 प्रतिशत नीम सीड करनेल एक्सट्रेट या एजाडीरेक्टिन 1500 पीपीएम का 5 मि.ली. प्रति लीटर या इमामेक्टिन बेन्जोएट 5 एस. जी. का 200 ग्राम प्रति है. या क्लोरेंट्रानिलीप्रोल 18.50 एस.सी. का 200 मिली. प्रति है कि दर से 500 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। सर्वे टीम में सहायक निदेशक कृषि उमाशंकर शर्मा, राजवीर चौधरी कृषि अनुसंधान अधिकारी जितेंद्र कुमार धाकड़, देवेंद्र धाकड़ एवं दुर्गेश कुमावत ने खरीफ फसल सोयाबीन में लगने वाले किट गर्डल बीटल एवं मक्का मे फॉल आर्मीवर्म कीट से होने वाले नुकसान से बचने के लिए किसानों को सुझाव दिए।
Author: Third Eye News 24
सत्यमेव जयते




