मनोहरथाना। कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकर्ता अटलपुरी ने पीपलोदी गांव जाकर गत दिनों हुई स्कूल दुखांतिका में मृत बालकों के परिजनों को ढांढस बंधाया एवं घायल बालकों की कुशलक्षेम पूछी। उन्होंने बताया कि सिस्टम की घोर लापरवाही से स्कूल के कमरे की दीवार और छत ढहने से 35 बच्चे इस हादसे के शिकार हुए। इनमें से मौके पर चार बच्चों ने दम तोड़ दिया। बाकी घायल बच्चों को इलाज के लिए झालावाड़ व मनोहरथाना चिकित्सालय में पहुंचाया गया। इनमें से तीन बच्चों ने इलाज के दौरान झालावाड़ चिकित्सालय में दम तोड़ दिया। अटलपुरी ने बताया कि वर्तमान समय में भी 10 बच्चे झालावाड़ चिकित्सालय में उपचार ले रहे हैं। एक गंभीर घायल कोटा चिकित्सालय में उपचार ले रहा है। मरने वालों में दो रविदास समाज, चार भील आदिवासी समाज को एक लोधा समाज का बच्चे है। यह सभी मृतक बच्चे बहुत ही गरीब परिवारों से है। मृतक सात बच्चों में दो बच्चे सगे बहन भाई थे। बच्चों के पिता छोटू लाल रैदास के बताए अनुसार पुत्री मीना उम्र 10 वर्ष कक्षा 5 में पढ़ती थी और पुत्र कान्हा उम्र 7 वर्ष इसी वर्ष कक्षा एक में पढ़ने के लिए बिठाया था। मेरे यह दो ही बच्चे थे।
मेरी पत्नी नसबंदी ऑपरेशन भी करवा चुकी है, यह बच्चे ही हमारे जीने का सहारा थे। अन्य से मृतक बच्चों कुंदन भील पुत्र बीरामचंद भील उम्र 10 वर्ष कक्षा 5, हरीश भील पुत्र बाबूलाल भील उम्र 11 वर्ष कक्षा 7, प्रियंका भील पुत्री उधम सिंह भील उम्र 12 वर्ष कक्षा 7, पायल भील पुत्री लक्ष्मण भील उम्र 13 वर्ष कक्षा 7 एवं कार्तिक पुत्र हरक चंद लोढ़ा उम्र 8 वर्ष कक्षा 4 के माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रो कर बुरा हाल है। घटना के समय बीरामचंद गांव में नहीं थे अपने परिवार के पालन पोषण के लिए मजदूर के लिए बाहर गए हुए थे। गोविंद अटलपुरी को पीपलोदी गांव पहुंच कर घटनास्थल को देखा और स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों व ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली और मृतक बच्चों के घर जाकर तीन दिन के कार्यक्रम में शामिल होकर मृतक बच्चों को श्रद्धा सुमन अर्पित किये और परिवार के सदस्यों को ढांढस बधाया।
इस अवसर पर अटलपुरी ने राज्य सरकार से प्रत्येक मृतक के आश्रितों को एक करोड रुपए, घायलों को 50 लाख रुपए मुआवजा राशि देने एवं परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। अटलपुरी ने कहा कि हवाई जहाज में बैठकर लंदन जाने वाले दुर्घटना में मृतक अमीरों को जब एक करोड़ रूपया मुआवजा दिया जा सकता है तो सिस्टम के लापरवाही से अपनी जान गवाने वाले गरीब व्यक्तियों के बच्चों के आश्रितों को भी एक करोड़ रूपया मुआवजा राशि एवं परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देना चाहिए।
Author: Third Eye News 24
सत्यमेव जयते




