बारां । राष्ट्रीय बौद्ध महासभा जिला इकाई द्वारा जिला कलेक्टर के द्वारा राष्ट्रपति व बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को महाबोधि बिहार बोधगया को गैर बौद्धों से मुक्ति व बीटीएमसी 1949 एक्ट रद्द करने की मांग को लेकर ज्ञापन दिया गया। महाबोधि बिहार बौद्धों का एकमात्र भारत में पवित्र केंद्र हैं। जो विश्व मे शान्ति, भाईचारा, समानता, वैज्ञानिक सोच मानवता का प्रतीक हैं। लंबे समय से विहार में गैर बौदिस्ट गतिविधियों के द्वारा उसके वास्तविक महत्व को बदला जा रहा हैं। जिसका भारत मे ही नही अपितु विश्व में भी इसका विरोध होता हैं।
महात्मा बुद्ध के इस केंद्र को विश्व मे जिस विचारधारा से देखा जाता हैं। जब कोई विदेशी विहार में आता हैं। इस प्रकार की गतिविधियां यहां देखता है। तो उसे बड़ा दुख होता हैं। इससे हमारे देश की छवि खराब होती है कथनी करनी में अंतर नजर आता हैं। अतः भारत के बौद्धिस्ट ही नही अपितु सम्पूर्ण विश्व के बौद्धिस्ट यह चाहते हैं कि प्रबंधन समिति में केवल बोद्धिस्टों को ही रखा जाए। बीटीएमसी एक्ट 1949 को रद्द किया जाए। ज्ञापन देने वालों में महेश जयंत, दिनेश सैनी, मदन जाजोरिया, घनश्याम वर्मा, सुरेश, सतीश लहरी, आनंद गोरल, चंद्रशेखर बौद्ध, बत्तीलाल बैरवा, कमलेश यादव, मथुरालाल वर्मा विनोद मीणा सहित विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता उपस्थित थे।
Author: Third Eye News 24
सत्यमेव जयते




