बारां। कृषि पर्यवेक्षक संयुक्त समन्वय समिति द्वारा एक दिवसीय धरना प्रदर्शन व ज्ञापन का कार्यक्रम सहायक निदेशक कृषि विस्तार भारी उत्साह के साथ संपन्न हुआ। सभी संगठन के पदाधिकारी व जिले के समस्त कर्मचारी/अधिकारी कृषि पर्यवेक्षक, वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक व सहायक कृषि अधिकारी 100 प्रतिशत उपस्थिति के साथ एक दिन का अवकाश लेकर धरना स्थल पर उपस्थित हुए। जिलाध्यक्ष कमल प्रकाश मीणा ने पुरानी पेंशन योजना पर विशेष जोर देकर कहा कि राजनेता बिना पढाई लिखाई के जिंदगीभर पेंशन पाते हैं। उन्होंन 25 वर्षों की पढाई के बाद कर्मचारी/अधिकारी 35-40 साल सरकार की सेवा करने के बाद भी वृद्धावस्था में असहाय से हो जाते हें। यह कौनसा लोकतंत्र है। अगर सरकार वित्तीय स्थिति नहीं हैं। तो सभी की बंद करे या सभी की लागू करें।
कलस्टर अध्यक्ष मनमीत नागर ने कहा कि कृषि पर्यवेक्षक व सहायक कृषि अधिकारी हर चीज की जियो टेंगिंग करते हैं। तो उनको भी हाई डयूटी अलांउस मिलना चाहिए। उपाध्यक्ष सूरज मेहता ने कहा कि वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षकों की पोस्ट बढाए। विभाग के सभी कार्य ऑनलाइन हो रहे हैं। तो 1000 रूपए प्रति माह रिचार्ज भत्ता दिया जाए। बारां ब्लॉक की उपाध्यक्ष प्रमिला मीणा ने कहा कि सहायक निदेशक कार्यालय पर जब कलस्टर मिटिंग होती हैं। तो महिला शौचालय अलग होना चाहिए। किसान सेवा केंद्र की राशि 1500-2000 रूपए माह होना चाहिए। बारां के कोषाध्यक्ष प्रिंस मेहता ने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत पर कृषि पर्यवेक्षक का पद सृजित हो। इसी प्रकार जिले के बहुत महिला कृषि पर्यवेक्षकों ने भी अपने विचार प्रकट किए। संबोधन के अंत में जिलाध्यक्ष मीणा ने कहा कि उद्यान विभाग व सीएडी में प्रत्येक पंचायत समिति पर 02 पद सहायक कृषि अधिकारी व 08-08 पद कृषि पर्यवेक्षकों के सृजन होने चाहिए। तभी राज्य का विभाग उद्यान में संभव है।
Author: Third Eye News 24
सत्यमेव जयते




