बारां । शहर के समीपवर्ती ग्राम दुर्जनपूरा में ठाकुरजी के मंदिर प्रांगण में ग्रामवासियों के सहयोग आयोजित हो रही श्री मद भागवत कथा में वृन्दावन के महाराज नरेश मुदगल शास्त्री ने कहा कि ब्राह्मण चाहे चारों वेदों का वक्ता क्यों ना हो लेकिन ज़ब तक प्रभु चरणों में प्रेम नहीं होगा, तब तक परमात्मा का दर्शन नहीं होगा।
भगवान कृष्ण ने गोपियों के साथ महारास किया। यह कोई प्रेम प्रसंग नहीं। आत्मा से परमात्मा को मिलाने की लीला हैं। जब तक समर्पण होगा नहीं तब तक प्रभु चरणों में मन लगेगा नहीं। कन्हैया ने पाप को मिटाने के लिए कंस का नहीं पाप का अंत किया और संत ब्राह्मणो को बंधन मुक्त किया। भगवान का विवाह रुक्मणि के साथ में विधि विधान से हुआ। बुधवार को भागवत कथा का समापन होगा।
Author: Third Eye News 24
सत्यमेव जयते




