बारां। ग्राम दुर्जनपुरा में ठाकुर जी के मंदिर प्रांगण में चल रही श्री मद भागवत कथा के तृतीय दिवस मे पं. नरेश मुदगल शास्त्री ने बताया की कथा मनोरंजन का साधन नहीं हैं। केवल मुक्ति प्राप्त करवाने का सरल उपाय है
भागवत ही साक्षात् कृष्ण है, कृष्ण ही भागवत है
जिसने जिंदगी भर पाप किये हो वो प्राणी भी अगर एक बार कथा में आकर बैठ जाये तो उसके सभी पापों का नाश हो जाता हैं। कपिल भगवान ने मईया देहुति को वहुत बड़ा ज्ञान उपदेश दिया बताया मईया जब बालक गर्भ में आता है तब उसको भगवान दर्शन देने जरूर आते है। उस समय जीव केवल यही कहता हैं।
हे प्रभु केवल एक बार इस नर्क से बाहर निकालो फिर में आपकी सेवा में आना चाहता हूं। भोलेनाथ का विवाह मईया सती के साथ मे विधि विधान से संपन्न हुआ सभी ने आनंद के साथ नृत्य किया। अंत में यजमान ने आरती की और प्रसाद वितरण किया गया ।
Author: Third Eye News 24
सत्यमेव जयते




