बारां, 10 जुलाई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा अनुसार ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित करने के लिए आयोजित की जा रही रात्रि चौपालों ने जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की मिसाल कायम की है। ऐसी ही एक ऐतिहासिक पहल जिला कलक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर के नेतृत्व में तब देखने को मिली, जब उन्होंने दिनांक 23 मई 2025 को शाहाबाद ब्लॉक के दुर्गम पहाड़ियों के बीच बसे गांव सनवाड़ा में रात्रि चौपाल आयोजित कर जनसुनवाई की।

वर्षों से बिजली के इंतजार में थे 40 सहरिया परिवार
जनसुनवाई के दौरान सनवाड़ा के पूर्व सरपंच बद्रीलाल सहरिया ने जिला कलक्टर को अवगत कराया कि सनवाड़ा गांव से लगभग 3 किलोमीटर दूर पहाड़ियों और जंगलों के बीच बसे सहरिया समुदाय (सहराना) के 40 परिवारों को आज तक बिजली कनेक्शन नहीं मिला है। बस्ती में रहने वाले 200 से अधिक लोग वर्षों से अंधेरे में जीवन यापन कर रहे हैं। यह सुनते ही जिला कलक्टर ने त्वरित निर्णय लेते हुए रात्रि 11 बजे स्वयं मौके पर जाकर स्थिति का निरीक्षण किया। बस्ती की दुर्गम और वन क्षेत्र में स्थित होने के बावजूद जिला कलक्टर तोमर की जनसेवा के प्रति समर्पण भाव ने उन्हें वहां तक पहुंचने से नहीं रोका। उन्होंने मौके पर अधीक्षण अभियंता एन.एम. बिलोटिया को तुरंत सर्वे कर 15 दिन में विद्युतीकरण का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
प्रशासनिक इच्छाशक्ति ने बदली तस्वीर
जिला कलक्टर तोमर ने बताया कि इस तरह की सहरिया बस्तियां, जिन्हें स्थानीय रूप से ‘सहराना’ कहा जाता है, सामान्य गांवों से काफी दूर जंगलों में होती हैं। रास्ते भी बेहद कठिन और नदी-नालों से होकर जाते हैं। अब तक यहां कोई विद्युत लाइन नहीं पहुंची थी। लेकिन सरकार की पीएम जनमन योजना के अंतर्गत अब ऐसे क्षेत्रों को प्राथमिकता में लेते हुए विकास कार्य करवाए जा रहे हैं।

20 दिन में 40 परिवारों को मिला निशुल्क बिजली कनेक्शन
अधीक्षण अभियंता एन.एम. बिलोटिया ने जिला कलक्टर के निर्देशों पर अन्य विभागों के समन्वय से केवल 20 दिन में संपूर्ण विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण कर दिया। बिलोटिया ने बताया कि लगभग 2 किलोमीटर लंबी 11 केवी लाइन, 1 किलोमीटर एलटी लाइन, 2 सिंगल फेज, 25 केवी ट्रांसफार्मर और कुल 38 नए विद्युत पोल लगाए गए। यह संपूर्ण कार्य पथरीली और पहाड़ी भूमि में किया गया, जहां ड्रिलिंग की सहायता से खंभों की स्थापना और ट्रांसफार्मर लगाए गए। यह कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण था, लेकिन जिला कलक्टर की प्राथमिकता स्पष्ट थी ‘अंधेरे को हर हाल में मिटाना’
आवास योजना से भी जुड़ रहे सहरिया परिवार
केवल बिजली ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत इन सहरिया परिवारों को पक्के मकान भी स्वीकृत किए गए हैं। अब ये परिवार, जो वर्षों तक झोपड़ियों और कच्चे घरों में जीवन यापन कर रहे थे, अब पक्की छत और रौशनी की सुविधा से युक्त सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं।
Author: Third Eye News 24
सत्यमेव जयते




