बारां। शहर बारां शिवाजी कॉलोनी नंदिनी गौशाला नारेडा रोड पर चल रहा नानी बाई के मायरे में बाल व्यास शिव वैष्णव जी महाराज ने दूसरे दिन की कथा में महारास की कथा श्रवण कराई जिसमें भोलेनाथ गोपी बनकर महारास में गए। नरसी जी को अपने साथ लेकर नरसी जी ने 7 दिन तक भूखे प्यासे भोलेनाथ की सेवा की। तभी भोलेनाथ प्रसन्न हुए। भोलेनाथ ने वरदान दिया मांग नरसी तुझे क्या चाहिए। नरसी जी ने संसार की कोई वस्तु ना मांगी।
नरसी जी ने भक्ति के बदले में कृष्ण महारास के दर्शन मांगेऔर भक्त और भगवान का मिलन हुआ। भगवान ने नरसी जी को 56 करोड़ की माया दी, लेकिन नरसी जी ने वह माया 56 दिन भी नहीं चलाई। सब दान कर दी। नरसी जी ने कहा असली धन अगर मेरा कुछ है तो राम रतन धन है। संसार का धन मेरे कोई काम का नहीं। उसी के आगे की कथा में नरसी जी को कुमकुम पत्री लिखि कुमकुम पत्री में इतना मायरा लिखा सास देवरानी जेठानी देवर ने नानी बाई के पिताजी को मायरा लिखा। यह आयोजन राधा रानी महिला मंडल द्वारा किया जा रहा है।
Author: Third Eye News 24
सत्यमेव जयते




