बारां। शाहबाद जंगल हम सभी प्रदेश वासियों की नैसर्गिक आवश्यकता हैं। जिससे कि इस वातावरण में लाखों मैट्रिक टन ताजी हवा में सांस लेने का मौका मिलता है। इस जंगल को बचाने हेतु चलाए जा रहें। आंदोलन में संगठन के कार्यकर्ता जुटा रहेगा। ये विचार राष्ट्रीय मानवाधिकार, पर्यावरण सुरक्षा एवं भ्रष्टाचार निवारण संगठन नई दिल्ली के संभागीय अध्यक्ष श्याम मनोहर हरित ने कोटा बूंदी, झालावाड़ व बारां जिले के पदाधिकारियों सदस्यों की संभागीय बैठक को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
राष्ट्रीय मानवाधिकार, पर्यावरण सुरक्षा एवं भ्रष्टाचार निवारण संगठन के संरक्षक व सामाजिक कार्यकर्ता राजेन्द्र कुमार जैन ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि शाहबाद जंगल में पेड़ों को काटा जाना। एक विनाश को निमंत्रण देने के जैसा है। यहां पर दुर्लभतम औषधीय गुणवत्ता वाले पेड़ों की प्रजातियां पाई जाती हैं। जो देश में किसी भी स्थान पर नहीं मिलती है। उसके अलावा भी इस जंगल में वन्य जीव आवास हैं जिसे नष्ट किया जाएगा तो जंगली जानवर बस्तियों की ओर पलायन करेंगे। संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने बैठक में सर्वसम्मति से शाहपुरा पम्पड़ स्टोरेज पावर प्लांट लगाने वाली जगह को मौके पर जाकर देखने। पेड़ों की कटाई का विरोध करने का प्रस्ताव पारित किया।
Author: Third Eye News 24
सत्यमेव जयते




