बारां। स्कन्द पुराण के अनुसार एक पौधा लगाकर उसे पेड़ बनने तक पालन पोषण करना 10 कन्याओं को जन्म देकर पालने के बराबर हैं। 10 पेड़ उगाना 100 पुत्रों को जन्म देकर पालने के बराबर है। शाहबाद जंगल में सरकार द्वारा जारी कटने वाले पेड़ों के आंकड़ों के अनुसार 119759 के हिसाब से देखें तो इन पेड़ों को काटा जाना असंख्य नरसंहार के बराबर है। सनातन संस्कृति के नाम पर वोटों की राजनीति करने वाली सरकारें इस जंगल को निहित स्वार्थ के कारण काटकर खुद पाप की भागीदार बन रही है। ये विचार लायंस क्लब श्रीजी के संरक्षक व लायंस क्लब इंटरनेशनल के एमजेएफ मेम्बर कुंज बिहारी नागर ने लायंस क्लब की चौथी केबिनेट मीटिंग में किशनगढ़ रवाना होते समय अपने क्लब के सदस्यों के समक्ष व्यक्त किए।

उन्होंने लायंस क्लब श्रीजी को संबोधित करते हुए कहा कि शाहबाद जंगल मुद्दा पूरे जिले, प्रदेश देश और विश्व के पर्यावरणीय संतुलन से जुड़ा हुआ मामला हैं। जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। क्योंकि किसी जगह का कोई एक पेड़ कटने का मतलब है पूरे विश्व स्तरीय पर्यावरण का प्रभावित होना। शाहबाद जंगल के लाखों पेड़ों को काटे जाने की अनुमति दिया जाना पूरे देश भर के प्राकृतिक संतुलन को प्रभावित करने से जुड़ा हुआ है। इस जंगल को बचाने हेतु लायंस क्लब की चौथी केबिनेट मीटिंग में जो कि किशनगढ़ में आयोजित होने जा रही हैं। उसमें प्रांतपाल स्तर पर प्रस्ताव लिवाया जायेगा। इसे लायंस क्लब इंटरनेशनल के माध्यम से पूरे विश्व के पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं के सामने लाया जाएगा। लायंस क्लब श्रीजी के सदस्यों ने कहा कि शाहबाद जंगल बचाओ आंदोलन को सुदृढ करने हेतु चौथी केबिनेट मीटिंग में सामूहिक रूप से प्रस्ताव पास कर लिए जाने से
Author: Third Eye News 24
सत्यमेव जयते




