न्याय के लिए दर-दर भटक रहा पीड़ित वृद्ध
बारां । समरानिया कस्बे में पुस्तैनी बेशकीमती जमीन पर दबंगों द्वारा अतिक्रमण कर जबरन कब्जा जमा लेने के बाद पीड़ित न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है। लेकिन पुलिस व प्रशासन आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही करने के बजाए उन्हें संरक्षण दे रहा है। पीड़ित बाबूलाल व अमृतलाल धोबी पुत्र सुंदरलाल उर्फ सुंदरा ने शनिवार को कोटा रोड स्थित एक निजी रेस्त्रां में आयोजित पत्रकार वार्ता में मय दस्तावेजों के बताया कि समरानियां कस्बे में उनकी पुस्तैनी आराजी खसरा नम्बर 121/1273 रकबा 1.10 बिस्वा भूमि स्थित है। आबादी क्षेत्र में आने से जमीन की वर्तमान में डेढ़ से दो करोड़ कीमत आंकी जा रही है।

जिस पर आरोपी रामदयाल पुत्र पूरण, अमर सिंह व रूपा पुत्रगण दोलू जाति अहीर, माखन व रिंदू पुत्र बाबूलाल जाति अहीर, अनार सिंह व विजय सिंह पुत्र सुंदरलाल अहीर, राजेश बाई पत्नी रामदयाल, सुशीला बाई पत्नी करण सिंह अहीर, रामदयाल का पुत्र वगैरा जाति अहीर निवासी समरानिया ने जबरन कब्जा कर लिया है। विरोध करने पर 30 मई 2025 को सुबह समरानियां चौकी से जाते समय रास्ते में श्मशान के पास प्रार्थी को रास्ते में रोककर रामदयाल ने जाति सूचक शब्दों से अपमानित किया एवं गालीगलौच की। साथ ही धमकी दी कि तुने व तेरी बेटी व दामाद ने यदि जमीन करने की कोशिश की तो जान से मार दूंगा। तेरी जमीन पर तो कब्जा मैं ही करूंगा। इसके बाद पुलिस ने शाम को पीड़ित, उसके पुत्री-दामाद को थाने में बिठा लिया। इसके अलावा पीड़ित के भाई की पत्नी व उसकी पुत्रवधु के साथ मारपीट कर उन्हें भी बंद कर दिया गया। इस दौरान आरोपियों ने रातोंरात नींव खोदकर उसे भरवा दिया, उस पर निर्माण कार्य कर लिया। पुलिस ने प्रार्थी की मदद के बजाये आरोपियों का सरंक्षण दिया है।
जिससे उनके हौंसले बलंद हैं। पीड़ित ने बताया कि आरोपी रामदयाल ताकतवर व पैसे वाला होने कारण पुलिस भी उसके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं कर रही है। वह धमकाता है कि पुलिस मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकती। तू कहीं भी जा तेरी कहीं भी कोई सुनवाई नहीं होगी। आरोपियों द्वारा प्रतिदिन पीड़ित को डराने व धमकाने का सिलसिला बदस्तूर जारी किया हुआ है। पीड़ित बाबूलाल ने बताया कि उसकी मात्र एक संतान पुत्री है। जिसकी कमजोरी का नाजायज फायदा उठाकर मुल्जिम रामदयाल अहीर आए दिन गालीगलौच कर डराता धमकाता रहता है। ताकि पीड़ित गांव छोड़कर चला जाए और उसकी जमीन को हथिया लें। इस संबंध में पीड़ित पूर्व में भी जिला कलक्टर व एसपी को ज्ञापन देकर अवगत कराया जा चुका है।
वहीं विधायक से लेकर सांसद तक को ज्ञापन दिए जा चुके है। लेकिन अभी तक आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं हुई है। आरोपी द्वारा किया गया अतिक्रमण भी नहीं हटाया गया है। इस मामले में केलवाड़ा पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी है। लेकिन पुलिस गरीब और निरक्षर पीड़ितों की मदद करने के बजाए आरोपियों का ही पक्ष ले रही है। पीड़ितों की मांग है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करवाकर उसकी पुस्तैनी जमीन को उनके कब्जे से छुड़ाया जाकर प्रार्थी को सौंपी जाए। साथ ही उसके जानमाल की सुरक्षा प्रदान करवाई जाए। पीड़ितों ने न्याय नहीं मिलने पर आत्मदाह की चेतावनी दी है।
Author: Third Eye News 24
सत्यमेव जयते




