बारां । भारतीय इतिहास संकलन समिति बारां की छात्रा इतिहासकार कॉलेज इकाई द्वारा निजी रेस्टोरेंट में वीरांगना महारानी के बलिदान दिवस पर सभी इतिहासकारों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके सनातनी राष्ट्र हित में किए गए कार्यों पर विचार संगोष्ठी का आयोजन किया। भारतीय इतिहास संकलन समिति अध्यक्ष डॉ. सुरेश मेघवाल ने कहा कि वीरांगना दुर्गावती जेसा तेज साहस शौर्य वर्तमान समय में बालिकाओं व मातृशक्ति में होना चाहिए जिससे आत्म सुरक्षा कर दुष्टों का विनाश किया जा सके। छात्रा कविता मीणा ने कहा कि मुगलों के अत्याचारों का रानी दुर्गावती ने विरोध किया,
परंतु उनकी अधीनता स्वीकार नहीं की अपने शासनकाल में उन्होंने अनेक मंदिर मठ कुएं बावड़ी धर्मशाला बनवाई। प्रिया पंकज ने कहा कि राज्य और धर्म की रक्षा के लिए अनेक युद्ध किए। अकबर की सेना को तीन बार युद्ध में हराया था परंतु अपने ही जयचंदों की वजह से महारानी को अंत में हार का सामना करना पड़ा। जबलपुर के पास रानी की समाधि बनी हुई हैं। जहां देश प्रेमी जाकर श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं। कॉलेज इकाई अध्यक्ष प्रिया मीणा ने सभी का आभार धन्यवाद व्यक्त किया। इस अवसर पर छात्रा इतिहासकार समिति की अनेक छात्राएं मौजूद रही।
Author: Third Eye News 24
सत्यमेव जयते




