4 साल पहले 2 नाबालिग बहनों को भगा ले जाने का था मामला
बारां 26 जून। न्यायालय विशिष्ट न्यायाधीश पोक्सो क्रम-1 हनुमान प्रसाद ने 4 वर्ष पुराने प्रकरण में 2 नाबालिग बहनों को भगा ले जाने के मामले में 2 बाल अपचारियों को 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा से दंडित किया है। लोक अभियोजनक श्याम पालीवाल ने बताया कि महिला थाने में दर्ज 4 वर्ष पुराने प्रकरण में बाल अपचारी टीगर मोहल्ला लंका कॉलोनी व शिव कॉलोनी मनिहारा तालाब के पास बारां के विरूद्ध पीडिताओं के पिता ने महिला थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें उल्लेख किया गया था कि 18 सितम्बर 2020 की रात की बात है। रात को 10-11 बजे दोनों पुत्रियां, बच्चे सब अपने-अपने कमरों में सौ रहे थे।
जब प्रार्थी सुबह उठाकर देखा तो पुत्री को आवाज लगाई, तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। तब मैने उनके कमरे में जाकर देख तो दोनों वहां नहीं थी। फिर फरियादी द्वारा यह बात अपने बडे पुत्र को बताई और उन्होंने इनको आसपास तलाश किया। तो उन्हें मालूम हुआ कि बाल अपचारी 17 वर्ष निवासी लंका कॉलोनी, बारां व दूसरा बाल अपचारी करीब 16 साल 11 माह निवासी शिव कॉलोनी निवासी मनिहारा तालाब भी घर पर नहीं है।
इस शक के आधार पर दोनों बाल अपचारियों द्वारा नाबालिग पीडिताओं को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने का प्रकरण दर्ज कराया था। जिस पर पुलिस ने धारा 363, 34 में प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया। जिस पर दोनों बाल अपचारियों के खिलाफ आरोप प्रमाणित पाए जाने पर न्यायालय में चालान पेश किया गया। जहां न्यायालय में दोनों बाल अपचारियों के विरूद्ध आरोप संदेह के परे प्रमाणित होने पर उन्हें दोष सिद्ध किया गया। जिन्हें 20-20 वर्ष का कठोर कारावास व 20-20 हजार रूपए का जुर्माना की सजा सुनाई। वहीं पीडिताओं की घटना के वक्त 13 व 15 वर्ष की होने से उन्हें प्रतिकर राशि के रूप में 4-4 लाख रूपए दिलाए जाने का आदेश पारित किया गया।
Author: Third Eye News 24
सत्यमेव जयते




