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कृषि विज्ञान केंद्र में किसानों को बताए मोरिंगा की खेती के लाभ

बारां। जिले में कृषि के क्षेत्र में नवाचार करने के लिए अंता स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में किसानों को मोरिंग सहजन की खेती के बारे में जानकारी दी गई। पीपीएल होलसम नासिक के प्रतिनिधि अधिकारी पांडूराम लहाने ने बताया कि यदि किसान मोरिंगा की खेती की शुरूआत करते हैं तो उन्हें पूर्ण सहयोग किया जाएगा। बारां जिले में अभी मोरिंगा की खेती नहीं होती है। जबकि यहां इसकी प्रचुर संभावना है। इससे किसानों की आर्थिक हालत में सुधार होगा।

उन्होंने बताया कि मोरिंगा के बीज की एक बार बुवाई करने के बाद 6 साल तक इसकी फसल का उत्पादन ले सकते हैं। इसमें कम्पनी 3 साल तक फसल खरीद का अनुबंध भी करती है। इस फसल में यूरिया, डीएपी व पेस्टीसाईड और हंकाई-जुताई का खर्चा भी नहीं लगता है। मोरिंगा से किसान कम लागत में अधिक मुनाफा कमा सकते हैं।

किसान हरिओम मीणा ने बताया कि किसानों मोरिंगा की खेती में प्रतिवर्ष 1 बीघा में 1 लाख से अधिक कमाई कर सकता है। बारां सहित हाड़ोति में किसान इस नवाचार को अपना रहे हैं। इस दौरान किसान दिनेश जोशी व रितेश भ्यौज्याखेड़ी, बाबूलाल धाकड़, गौरीशंकर शर्मा, लोकेश मीणा, बृजमोहन, रामहेत खैराली, छोटूलाल मीणा बावड़ीखेड़ा, नरेन्द्र मीणा महलपुर, रामस्वरूप मेहरा, उमेश कुमार मेहता व जगदीश नागर ईश्वरपुरा आदि किसान मौजूद थे।

 

Third Eye News 24
Author: Third Eye News 24

सत्यमेव जयते

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