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वैकल्पिक उर्वरक एसएसपी व एनपीके का उपयोग कर किसान करें खरीफ की बुवाई

बारां । संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार धनराज मीणा ने किसान भाईयां से अपील कि है कि खरीफ फसलों विशेषकर मक्का की बुवाई हेतु सिंगल सुपर फास्फेट व यूरिया उर्वरक का उपयोग करें। जिससे केवल फसल का उत्पादन बढ़ेगा बल्कि गुणवत्तापुर्ण भी होगा। सिंगल सुपर फास्फेट में 16 प्रतिशत फास्फोरस व 11 प्रतिशत सल्फर होता है। एक बैग यूरिया के साथ तीन बैग सिंगल सुपर फास्फेट के डालने से 23 किलो नत्रजन व 48 किलो फास्फोरस साथ में 33 किलो अतिरिक्त सल्फर उपलब्ध होगा।

जो कि महंगे डीएपी के मुकाबले सस्ता हैं। आसानी से उपलब्ध भी हैं। पिछले हफ्ते जिला कलक्टर रोहित सिंह तोमर की अध्यक्षता में हुई। आदान व्यवस्था की बैठक में भी जिला कलक्टर द्वारा निर्देषित किया कि डीएपी के विकल्प के रूप में एसएसपी व विभिन्न प्रकार के एनपीके ग्रेडस जैसे 15-15-15, 16-16-16, 19-19-19, 20-20-0-13, 12-32-16, 10-26-26 उपलब्ध है। जिनको बढ़ावा दिया जाए। वैकल्पिक उर्वरकों को बढ़ावा देने हेतु पम्पलेट का विमोचन भी किया गया। कृषि विभाग द्वारा कृषक गोष्टियां, कैम्पो, पम्पलेट, बैनर आदि के माध्यम से कृषकों को जागरूक करने के लिए सभी आदान विक्रेताओं को भी प्रचार-प्रसार करने हेतु निर्देषित किया गया।

जिला कलक्टर द्वारा सहकारी समितियों को निर्देशित किया गया। सभी ग्राम सेवा सहकारी समिति, क्रय-विक्रय सहकारी समितियों पर यूरिया, डीएपी, एनपीके व एसएसपी की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित करें ताकि कोई भी किसान उर्वरक के अभाव में खरीफ बुवाई से वंचित न रह जाए।

Third Eye News 24
Author: Third Eye News 24

सत्यमेव जयते

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