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वन विभाग के वन भूमि पर अतिक्रमण हटाने को intach Baran chapter द्वारा समर्थन

बारां ।वृक्ष है तो हम हैं इसी से हमारा जीवन है। ज पर्यावरण संरक्षण की महती आवश्यकता है। ग्लोबल वार्मिंग का संकट धरती पर छाया हुआ है , तापमान निरंतर बढ़ता जा रहा है, पर्यावरण प्रदूषण की वजह से विभिन्न तरह की बीमारियां और संकट मानवता पर छाए हुए हैं,वनों के अभाव में प्रकृतिमित्र कहे जाने वाले जंगली जानवर व जीव अपना अस्तित्व खत्म करते नजर आ रहे हैं । ऐसे समय में जरूरी है जो वन बचें हैं वो संरक्षित हो सुरक्षित रहे और ज्यादा से ज्यादा वृक्षारोपण हो। इसके लिए हम सभी को प्रयास करना चाहिए।

बारां जिले में गत दिनों से वन विभाग द्वारा वन भूमि के अतिक्रमण मुक्त कराने की पहल व कार्यवाही की जा रही है यह अभियान सराहनीय सराहनीय हैं अनुकरणीय है। यह बहुत पहले की जानी चाहिए थी, यह अभियान अब रुकना नहीं चाहिए। वन विभाग की हजारों बीघा जमीन लोगों द्वारा जंगलों को साफ करके दबा ली गई है वह जमीन मुक्त हो और इस पर सघन वृक्षारोपण हो। इसका सभी संगठन के प्रतिनिधि पूर्णरूप से समर्थन करते हैं। वृक्षमित्र फाउंडेशन के भानु पोरवाल व , इंटेक के जितेंद्र शर्मा पम्मी एवं डॉ मनोज सिंगोरिया, ओम प्रकाश शर्मा , ग्रीन नाहरगढ़ एवं विकास संस्थान नाहरगढ़ के जावेद खान,रामगढ़ दरबार प्रकृति संरक्षण समिति के कालूलाल आर्य सेवानिवृत अधिकारी , पारिवारिक वानिकी के भुवनेश मालव व जिला संयोजक अशोक मीणा , श्रीराधा गोविंद स्मृति सेवा संस्थान के मुकेश सोनी,दिव्य भारत युवा संघ( दिया )के भूपेन्द्र सांखला व रामस्वरूप प्रजापति, शाहबाद जंगल बचाओ संघर्ष समिति के सदस्यों सुनील शाक्यवाल व प्रियांशु सिंह ,पंचफल बॉटनिकल गार्डन कुन्जेड के प्रशान्त पाटनी,युवा मंडल संस्थान बारां के भैरूलाल भास्कर,श्री सिद्दीक बाबा लोक कल्याण संस्थान बारां के डॉ मनोज कुमार शर्मा , मां आनंदी देवी मुंशी भवानी शंकर शर्मा चेरिटेबल ट्रस्ट बारां के डॉ धर्मेन्द्र कुमार शर्मा, एड सत्येन्द्र कुमार शर्मा ने सराहना व समर्थन किया है।

नीता शर्मा
Author: नीता शर्मा

free Lancer, writer and editor

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