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ब्राजील की गिर नस्ल की गायों को मिलेगा बढ़ावा, पशुपालकों की बढ़ेगी आय

राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत पशुपालकों को मजबूत बनाने की दिशा में पहल
बारां ।  समेत प्रदेश के 18 जिलों पहले चरण में दूध उत्पादन को दोगुना करने के उद्देश्य को लेकर ब्राजील की गिर नस्ल की गायों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके पीछे सरकार की मंशा पशुपालकों को आर्थिक रूप से मजबूत करना है। राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत गिर नस्ल के गोवंश को विकसित करना है। बकायदा इससे पशुपालकों की आय भी बढ़ेगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इसका उपयोग राज्य की प्रजजन नीति अनुसार केवल शुद्ध गीर गोवंश में किया जाएगा। कृत्रिम गर्भाधान से संबंधित सभी डाटा यथा गर्भ परीक्षण, वत्स उत्पादन आदि का भारत पशुधन एप पर नियमित रूप से इंद्राज किया जाएगा।

चयनित जिलों के पशुपालकों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए ब्राजील की गिर नस्ल की गायों के पालन को बढ़ावा मिलेगा। ब्राजील के गिर गोवंश के पारंपरिक हिमकृत वीर्य डोजेज की मांग बताने के लिए कहा गया है, जिसके तहत जिले में 100 डोज की मांग भेज दी है। मिलेगा फायदा संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग, बारां ने बताया कि राज्य की प्रजनन नीति अनुसार शुद्ध गिर नस्ल में किया जाएगा। कृत्रिम गर्भाधान का इंद्राज डेटा वत्स उत्पादन भारत पशुधन ऐप में किया जाएगा। अच्छी दुधारू नस्ल की बछड़ी प्राप्त होगी। इससे पशु पालक के आय में बढोतरी होगी। जिले के लिए 100 डोज की डिमांड भेजी गई है। दूध उत्पादन को बढ़ावा देना उद्देश्य राज्य सरकार की ओर से शुरू की गई इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में दूध उत्पादन को दोगुना करना है। ब्राजील गिर नस्ल अपनी उच्च दूध उत्पादन क्षमता के लिए विश्व स्तर पर जानी जाती है। इस नस्ल की गायें औसतन 20 से 25 लीटर तक दूध देती है। अच्छी देखभाल पर यह आंकड़ा 40 से 45 लीटर तक भी पहुंच सकता है।

इससे किसानों की आय भी बढ़ेगी साथ ही इसको बढ़ावा भी मिलेगा। इन जिलों में होगी शुरूआत इस योजना के तहत गोपालन विभाग ने पहले चरण में 18 जिलों को शामिल किया है। इसमें अजमेर, भीलवाड़ा, टोंक, उदयपुर, चितौडगढ़, बांसवाड़ा, राजसमंद, प्रतापगढ़, जयपुर, दौसा, झुंझुनूं, कोटा, बूंदी, झालावाड़, बारां, पाली, भरतपुर व धौलपुर शामिल है। इन जिलों में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। देशी गायों के लगेगा टीका योजना के तहत पशुपालकों को गिर नस्ल का कृत्रिम गर्भाधान टीका मात्र 100 रुपए के शुल्क पर उपलब्ध कराया जाएगा। विभाग द्वारा देशी गाय में इस डोज का इस्तेमाल किया जाएगा। फिर उसका कृत्रिम गार्भाधारण कर उसको ब्राजील गिर नस्ल के रूप में बढ़ावा दिया जाएगा। इससे पशुपालकों पर आर्थिक बोझ कम होगा वे आसानी से उच्च गुणवत्ता वाली गिर नस्ल की गाय प्राप्त कर सकेंगे।

Third Eye News 24
Author: Third Eye News 24

सत्यमेव जयते

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