बारां । बारां शहर में अंजुमन इत्तिहाद-ए-बाहमी के नेतृत्व में वक्फ (संशोधन) एक्ट के खिलाफ एक विशाल धरना अंजुमन चौराहे पर दोपहर 3 बजे से 5 बजे तक सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस आयोजन को शहर के सभी मुस्लिम संगठनों का पूर्ण सहयोग प्राप्त था, साथ ही सभी धर्मों के शांतिप्रिय लोगों ने भी इसमें बढ़-चढ़कर समर्थन दिया। प्रदर्शन में प्रमुख वक्ताओ मोलाना इम्तियाज, मोलाना अख्तर, मुफ्ती उमर, आबिद हुसैन, अशरफ देशवाली, हाजी वसीम, इरफान अंसारी, नासिर मिर्जा, जाकिर पार्षद, जाकिर रंगरेज, व ख्वातीनो में वाफीया वसीम, नाजिया ने अपने विचार रखे, जिन्होंने वक्फ एक्ट को असंवैधानिक मुस्लिम समुदाय के धार्मिक व सांस्कृतिक अधिकारों पर हमला“ करार दिया। प्रदर्शन के अंत में अंजुमन इत्तिहाद-ए-बाहमी के प्रतिनिधियों ने जिला मजिस्ट्रेट (क्ड) को माननीय राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें एक्ट को रद्द करने की मांग की गई। यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा विभिन्न समुदायों के लोगों ने संवैधानिक मूल्यों धार्मिक स्वायत्तता की रक्षा के लिए एकजुटता दिखाई।
प्रदर्शन का उद्देश्यः
ओकाफ कमेटी के प्रवक्ता शाहिद इकबाल भाटी ने बताया कि वक्फ (संशोधन) एक्ट के प्रावधान, जैसे गैर-मुस्लिमों को वक्फ बोर्ड में शामिल करना और कलेक्टर को वक्फ संपत्तियों के सर्वे का अधिकार देना, मुस्लिम समुदाय की धार्मिक स्वायत्तता और संवैधानिक अधिकारों के लिए खतरा हैं। यह एक्ट संविधान के अनुच्छेद 25 व 26 का उल्लंघन करता है, जो धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी देते हैं। औकाफ कमेटी के कन्वीनर मौलाना अख्तर नदवी ने अपने भाषण में कहा, “वक्फ एक्ट मुस्लिम समुदाय की धरोहर पर सरकारी नियंत्रण की साजिश है। हमने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाई और मांग की कि इस एक्ट को तत्काल रद्द किया जाए। अंजुमन इत्तिहाद-ए-बाहमी ने स्पष्ट किया कि यह प्रदर्शन केवल मुस्लिम समुदाय तक सीमित नहीं था। हिंदू, सिख, ईसाई, और अन्य समुदायों के शांतिप्रिय लोग भी इस धरने में शामिल हुए, जो वक्फ एक्ट को सामाजिक सौहार्द और संवैधानिक मूल्यों के लिए खतरा मानते हैं। आयोजकों ने इसे एकता और भाईचारे का प्रतीक बताया।
प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्थाः
प्रदर्शन से पहले स्थानीय प्रशासन को सूचित किया गया था, और अंजुमन इत्तिहाद-ए-बाहमी ने शांतिपूर्ण आयोजन का आश्वासन दिया था। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम किए।
समुदाय की एकजुटताः
यह प्रदर्शन बारां शहर में वक्फ एक्ट के खिलाफ चल रहे राष्ट्रव्यापी विरोध का हिस्सा था। आयोजकों ने सभी नागरिकों का आभार व्यक्त किया, जो इस धरने में शामिल होकर संवैधानिक मूल्यों और धार्मिक स्वायत्तता की रक्षा के लिए एकजुट हुए। अंजुमन इत्तिहाद-ए-बाहमी ने कहा, “यह केवल वक्फ की लड़ाई नहीं, बल्कि भारत के संवैधानिक ढांचे और सामाजिक सौहार्द को बचाने की लड़ाई है।
Author: Third Eye News 24
सत्यमेव जयते




