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रेहलाई जागीर में अवैध खनन से चरनोट भूमि, सार्वजनिक शमशान घाट और भूतपूर्व सैनिक के जमीन का कटाव ओर ग्रामीणों में रोष

बारां । रेहलाई जागीर के निकटवर्ती रेहलाई जागीर गांव, कांकड़ रेहलाई, पंचायत समिति अटरू में गांव के समीप पार्वती नदी के किनारे पर में सडक़ निर्माणकर्ता ठेकेदार द्वारा अवैध खनन किया जा रहा हैं। जिसकी शिकायत रेहलाई निवासी अधिवक्ता प्रभु सिंह जो भूतपूर्व सैनिक अधिकारी के ज्येष्ठ पुत्र हैं। वह सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में प्रैक्टिस करते हैं। उन्होंने जिला कलेक्टर, जिला एस पी, अटरू तहसीलदार को 19 मई को ही उनके सभी के व्हाट्सअप पर अवैध खनन करते हुए उसी दिन वाहनों की वीडियो ग्राफी आर टी ओ रजिस्टर्ड वाहनों ने नम्बर 27, 8907 के साथ भेज दिया गया था परन्तु किसानों का कहना है कि अवैध खनन से समीप कटाव होने से कृषि भूमि को नुकसान हो रहा है। सार्वजनिक शमशान घाट, चरनोट भूमि के साथ सरकार द्वारा चीन पाकिस्तान के विरुद्ध युद्ध में लड़े भूतपूर्व सैनिक अधिकारी की आवंटित भूमि का भी कटाव होता रहा है।

इस मामले में क्षेत्र के किसानों ने पूर्व में शिकायत की थी, लेकिन सुनवाई नहीं की जा रही है। इससे किसानों में रोष गहराता जा रहा है। लुहारिया दृ रहलाई मार्ग पर सडक़ का निर्माण कराया जा इसके लिए कई दिनों से पार्वती नदी में अवैध खनन होता रहा है। रेहलाई निवासी सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता जो भूतपूर्व सैनिक अधिकारी के ज्येष्ठ पुत्र हैं उनकी कृषि भूमि के पास पार्वती नदी व खाळ (नाला) के ऊपर रोड ठेकेदार द्वारा डम्पर, जेसीबी, ट्रैक्टर आदि के माध्यम से अवैध खनन कर परिवहन किया जा रहा है। इस गांव में और भी कई जगह अवैध खनन हुआ है। अवैध खनन से कृषकों की रेवेन्यू जमीन का कटाव होने से नुकसान हो रहा है। अधिवक्ता प्रभु सिंह ने अवैध खनन करने वाले ठेकेदार के विरुद्ध एम एम आर डी अधिनियम, 1957 एवं बी एन एस की धारा 61, 3(5), 34 की उचित धाराओं में एफ.आई.आर. दर्ज करने की दरख्वास्त की है साथ में गहनता से इंवेस्टीगेशन करने अवैध खनन करने वाली मशीनों को जब्त करने का निवेदन भी किया हैं।

सिंह ने बताया कि 19 मई को की गई शिकायत पर आज तक प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई हैं। उस स्थान का मुआयना भी नहीं किया गया है ठेकेदार को फ्रूफ समाप्त करने का पुत्र अवसर दिया जा रहा हैं। इसे लगता है जैसे कि प्रशासन बरसात होने का इंतजार कर रहा हे ताकी पानी के भराव से उस स्थान के एविडेन्स नेस्ट खत्म हो जाएं और ठेकेदार ओर संबंधित कम्पनी को बचाया जा सके। प्रशासन को पूर्ण प्रमाण सहित अवैध खनन होते हुए के वीडियो भेजने के बावजूद कार्रवाई नहीं करना संदेह उत्पन्न करता हे, यह भी उल्लेखनीय हैं। कि भूतपूर्व सैनिक अधिकारी की निजी भूमि जो सरकार ने 9 बीघा भूमि आवंटित की थी, इसमें से अवैध खनन के कारण केवल 5 व 6 बीघा भूमि भी नहीं बची है। अधिवक्ता प्रभु सिंह ने आह्वान किया है कि यदि प्रशासन न्यायसंगत कार्रवाई नहीं करता है, तो ग्रामीणों के साथ मिलकर जयपुर की ओर प्रस्थान करेंगे साथ में कानूनी रूप अवैध खनन करने वाले ठेकेदार, संबंधित कम्पनी और उन्हें बचाने में सहयोग करने वाले लोगों के विरुद्ध इस्तगासा भी पेश करने से नहीं चुकेंगे।

Third Eye News 24
Author: Third Eye News 24

सत्यमेव जयते

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