आवासन विकास समिति ने लगाया आरोप, अधिकारी नहीं करते सुनवाई
बारां । राजस्थान आवासन मण्डल ने 10 वर्ष पूर्व “सबको आवास योजना“ के अन्तर्गत सुविधा युक्त आवास का आश्वासन देकर आवास बेच दिये। जबकि सेक्टर-3 में आज तक अधिकृत आम रास्ता ही नहीं दिया गया। इससे यहां निवासरत लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इतना ही नहीं योजना में रोड लाइटें नहीं होने से असामाजिक तत्व सक्रिय रहते हैं।
आवासन विकास समिति के जिला महामंत्री देवकी नन्दन चतुर्वेदी व प्रवक्ता अनिल नामा ने बताया कि आवासीय योजना में अधिकतर वरिष्ठ नागरिक निवास करते हैं। पर्याप्त मात्रा में सुरक्षागार्ड नहीं हैं।
सफाईकर्मी नही है। पूरी आवासीय योजना की सड़कें 1 साल में ही उखड़ गई है। एमआईजी-।3/31 में उपखण्ड कार्यालय का संचालन नहीं हो रहा है। छोटे-छोटे कार्यों के लिये कोटा जाना पड़ता है। जिले की अन्ता, मांगरोल, छबड़ा, छीपाबडौद व अन्य आवासीय योजनायें भी मूलभूत सुविधाओं के लिये तरस रही है। जल जीवन मिशन की लाइन मध्य से गुजरने के बावजूद भी फ्लोराइड युक्त बेस्वाद पानी पीने को मजबूर हैं। सम्बंधित अधिकारी क्षेत्रिय विधायक की भी बात नहीं मानते हैं। मनमर्जी का काम करते हैं। आवास धारकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने से परेशानी का सामना करना पड रहा है। इस बारे में संपर्क पोर्टल पर भी शिकायत करते हैं, लेकिन समाधान नहीं होता है।
इससे सभी आवास धारक असहजता महसूस करते हैं। इससे आवासधारकों में आक्रोश व्याप्त है। राजस्थान सरकार का 100 ट्री-गार्ड सहित पौधारोपण का लक्ष्य था। लेकिन ठेकेदार अब्दुल वहीद द्वारा 20 भी कार्य पूर्ण नहीं किया गया। आवासधारकों ने बताया कि इस मामले में उप आवासन आयुक्त कोटा अमजद अहमद से सम्पर्क करने पर सन्तोषपूर्ण जवाब नहीं मिलता है। नए आवासों के रजिस्ट्रेशन के लिए मोसिफ द्वारा कोई जानकारी नहीं होना बताया गया।
Author: Third Eye News 24
सत्यमेव जयते




