भागवत कथा में सजाई
कोटा। शहर के वैभव स्टेट लेबर चौराहा के पास पूनम कॉलोनी में गुर्जर समाज के परिवार द्वारा सात दिवसीय भागवत कथा का आयोजन किया गया। संगीतमय भागवत कथा में कृष्ण जन्म, हनुमान जन्म, और राम विवाह के प्रसंग सुनाए गए। इस अवसर पर कथावाचक पंडित जगमोहन शास्त्री वृन्दावन धाम श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग में कंस के अत्याचारों और कंस के जेल मे देवकी और वासुदेव के कारावास से शुरू होता है। कंस ने आकाशवाणी सुनकर देवकी और वासुदेव को जेल में डाल दिया था। क्योंकि उसे डर था के देवकी के पुत्र श्रीकृष्ण उसे मार देंगे।
श्रीकृष्ण का जन्म भादो मास की अष्टमी तिथी को रोहिणी नक्षत्र में हुआ। संगीतमय भागवत कथा में हनुमान जन्म की कथा सुनाते हुए कथावाचक ने कहा कि अंजनी माता की तपस्या और भगवान शिव के वरदास से जुड़ी है। कथा के अनुसार अपनी माता की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हे अपने तेज का कुछ अंश प्रदान किया था जिससे हनुमान जी का जन्म हुआ। साथ ही आज पुरूषोतम भगवान राम की के जन्म से लेकर उनके विवाह सम्पन्न होने का लोगो प्रसंग सुनाया। इस अवसर पर राम विवाह के भक्तिमय भजन ’’जय माला लिए कब से है।
ठाड़ी, दुखन लागो शरीर सिया मेरी छोटी है, झुक जइयो तनक रघुवीर सिया मेरी छोटी है। पर महिलाए पुरूष नाचने गाने लगे और पूरा पांडाल राम विवाह के आनंद सराबोर हो गया। कथावाचक ने राम विवाह के अवसर पर भगवान शिव के धनुष तोड़ने और सीता द्वारा राम को वरमाला डालने की बात कही। इसे बड़े ही संगीतमय रूप में प्रस्तुत किया। राजा दशरथ बारात लेकर जनकपुरी आते है राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के विवाह सम्पन्न होते हे। यह विवाह स्वयंवर के रूप में मनाया जाता है। जहां राम ने शिवर धनुष को तोड़ा और सीता को प्राप्त किया। यह कथा 18 मई को कृष्ण सुदामा मिलन और भागवत पूजन और महाप्रसादी के साथ सम्पन्न होगी। इस अवसर पर संजय बाण्या, शम्भूलाल गुर्जर, बजरंगलाल गुर्जर, राजेश गुर्जर, संदीप गुर्जर, अनीता गुर्जर, बबीता गुर्जर सहित गुर्जर समाज के लोग उपस्थित है।
Author: Third Eye News 24
सत्यमेव जयते




