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पशुपालन वैज्ञानिक डॉ. गर्ग ने बनारस मठ में शंकराचार्य से गोसंवर्धन पर की चर्चा

सी पी गोयल
नाहरगढ़/बारां। नाहरगढ़ निवासी सेवानिवृत्त पशुपालन वैज्ञानिक डॉ. महेंद्र कुमार गर्ग ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ बनारस मठ में गोसंवर्धन और रामागोमंडपम पर उनकी चर्चा गो-आधारित अर्थव्यवस्था और सतत विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। डॉ. गर्ग का कार्य ग्रामीण भारत में पशुपालन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक उदाहरण है। डॉ. महेंद्र कुमार गर्ग एक प्रतिष्ठित पशु वैज्ञानिक और तकनीकी सलाहकार हैं, जिन्होंने पशु उत्पादन, गोसंवर्धन, और जैविक खेती के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उनकी विशेषज्ञता में डेयरी मवेशी प्रबंधन, विशेष फीडिंग, ओवुलेशन सिंक्रोनाइजेशन, गोबर गैस प्लांट स्थापना, और मिल्किंग मशीन के तकनीकी इनपुट शामिल हैं।

उनकी आरकेवीवाई डेयरी परियोजना, “डेयरी मवेशी प्रबंधन में महिलाओं का कौशल सशक्तिकरण”, ने ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने और डेयरी क्षेत्र में उत्पादकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डॉ. गर्ग ने ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे आकार के गोबर गैस प्लांट स्थापित करने में अग्रणी भूमिका निभाई, जिससे धुआँ रहित ईंधन और जैविक उर्वरकों का उत्पादन संभव हुआ। यह पहल जैविक खेती को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहायक रही। इसके अतिरिक्त, उन्होंने मध्य प्रदेश सहकारी डेयरी फेडरेशन के साथ मिलकर खनिज मिश्रण और संतुलित पशु आहार तैयार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। शंकराचार्य विमुक्तेश्वरानंद  के साथ बनारस मठ में गोसंवर्धन और रामागोमंडपम पर उनकी चर्चा गो-आधारित अर्थव्यवस्था और सतत विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। डॉ. गर्ग का कार्य ग्रामीण भारत में पशुपालन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक उदाहरण है।

Third Eye News 24
Author: Third Eye News 24

सत्यमेव जयते

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