बारां। श्री खंडेलवाल दिगंबर जैन समाज द्वारा अहिंसा के प्रवर्तक भगवान महावीर स्वामी का जन्म जयंती महोत्सव गुरुवार को धूमधाम से मनाया गया। यह आयोजन बुंदेली संत कवि हृदय मुनिश्री 108 सुव्रत सागर महाराज के सानिध्य में संपन्न हुआ। प्रवक्ता अमित जैन ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत गुरुवार सुबह 5 बजे प्रभात फेरी से हुई, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई जैन जोड़ला मंदिर पहुंची। यहां मुनिश्री के सानिध्य में ध्वजारोहण और सामूहिक पूजन का आयोजन किया गया। प्रातः 8 बजे जोड़ला मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकली, जो चौमुखा बाजार, श्रीजी चौक होते हुए नेहरू पार्क पहुंची।
जहां पर स्वर्ण कलश की बोली लगाई गई। जो स्वर्गीय प्रेमरतन, लोकेश एवं प्रदीप बड़जात्या परिवार के रही। शोभायात्रा में सबसे आगे घोड़े पर सवार नन्हें बालक चल रहे थे। उनके पीछे युवक-युवतियां भक्ति और जयकारे लगाते हुए चल रहे थे।
संगम एकता मंच के सदस्य पचरंगा स्वरूप में तख्तियां लिए महावीर स्वामी के नारे लगाते हुए आगे बढ़े। महिलाओं ने चुनड़ी ओढ़कर शोभायात्रा में भाग लिया। । दिव्या घोष की मधुर ध्वनि ने शोभायात्रा में एक खास छटा बिखेरी। शोभायात्रा में भगवान महावीर स्वामी की रजत पालकी आकर्षण का केंद्र रही। यह यात्रा इंद्रा मार्केट, प्रताप चौक, धर्मादा चौराहा, सदर बाजार होते हुए जैन जोड़ला मंदिर के प्रशान्तमति सभागार, सरावगियों के नोहरे पर पहुंची। यहां मुनिश्री ने भगवान महावीर के जीवन पर प्रवचन दिए। उन्होंने बताया कि पंचकल्याणकों में सबसे अधिक भीड़ जन्मकल्याणक पर होती है और आज का दिन उसी की साक्षी है। प्रवचन के बाद मुनिश्री के मुखारविंद से श्रीजी का कलशाभिषेक कराया गया।
Author: Third Eye News 24
सत्यमेव जयते




