बारां। नैनो यूरिया एवं डीएपी के छिड़काव के कई फायदे हैं। इनका उपयोग कर फसलों में नाइट्रोजन एवं फास्फोरस की आपूर्ति की जा सकती हैं। अभी किसानों द्वारा फसलों की बढ़वार के लिए आवश्यक नाइट्रोजन एवं फास्फोरस की आपूर्ति के लिए रासायनिक यूरिया एवं डीएपी उर्वरक का प्रयोग किया जा रहा हैं। जिसका उपयोग बुवाई व खड़ी फसल में किया जाता है। सिफारिश अनुसार 75 प्रतिशत व उपलब्ध उर्वरकों के साथ 25 प्रतिशत नैनो यूरिया या डीएपी का उपयोग किया जा सकता है। संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) धनराज मीणा ने बताया कि विभाग की ओर से नैनो यूरिया एवं डीएपी को बढ़ावा देने के लिए 3160 हैक्टेयर क्षेत्र में प्रदर्शनों का आयोजन कर कृषकों को लाभान्वित किया जाना है, साथ ही किसानों को तकनीकी जानकारी भी दी जाएगी।
कितना मिलेगा अनुदान
किसानों को नैनो यूरिया छिड़काव पर प्रति हैक्टेयर अधिकतम 2000 रूपए एवं नैनो डीएपी छिड़काव पर अधिकतम 2500 रूपए प्रति हैक्टेयर अनुदान मिलेगा। अनुदान वितरण में अनुसूचित जाति, जनजाति, महिला, बी.पी.एल., लघु, सीमांत कृषकों एवं अंत्योदय, खाद्य सुरक्षा परिवारों के कृषकों को प्राथमिकता से लाभान्वित किया जाना है।
कैसे ले लाभ
चयनित किसान कय-विक्रय सहकारी समिति व ग्राम सेवा सहकारी समिति या अधिकृत विक्रेता से नैनो यूरिया एवं डीएपी खरीद कर पक्का बिल प्राप्त कर ड्रोन द्वारा प्रति हैक्टेयर 2.5 बोटल नैनो यूरिया एवं डीएपी का छिड़काव करके राज किसान साथी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर अनुदान का लाभ उठा सकते है। नैनो यूरिया एवं डीएपी छिड़काव के लक्ष्य आवंटित किए गए नैनों यूरिया एवं डीएपी के छिड़काव के लिए सहायक निदेशक कृषि विस्तार के द्वारा सहायक कृषि अधिकारी व कृषि पर्यवेक्षको को लक्ष्य आवंटित किए जा चुके है। किसान के खेत में फसल चक के अनुसार नैनो यूरिया का छिड़काव रबी फसल में गेहूं, जौ, सरसों व चना तथा खरीफ फसल में सोयाबीन, मक्का व मूंगफली में किया जाना है।
Author: Third Eye News 24
सत्यमेव जयते




