जिला कलक्टर ने बैठक में मेला आयोजन की तैयारियों को लेकर दिए निर्देश
बारां। जलझूलनी एकादशी पर 3 सितंबर से जिला मुख्यालय पर आयोजित होने वाले ख्यातनाम डोल मेले की तैयारियों को लेकर जिला कलक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर की अध्यक्षता में बुधवार को बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें शोभायात्रा सहित मेले के गरिमामय, शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित आयोजन के लिए विस्तृत विचार विमर्श कर रूपरेखा का निर्धारण किया गया। जिला कलक्टर तोमर ने मिनी सचिवालय के सभागार में आयोजित बैठक में कहा कि डोल मेला की विशिष्ट पहचान है। इसे पूरी भव्यता और अनुशासन के साथ आयोजित किया जाना चाहिए। डोल शोभायात्रा में देवविमानों और अखाड़ों के मध्य आपस में बेहतर समन्वय रहे। अखाड़ों के जिम्मेदार प्रतिनिधि सक्रिय रहकर व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने में सहयोग दें।उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन व पुलिस की ओर से इस आयोजन में पूरी सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ शांतिपूर्ण आयोजन की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस आयोजन के दौरान सीसीटीवी, चिकित्सा, कानून व्यवस्था, आवागमन, आदि की पुख्ता व्यवस्थाएं करने के साथ आमजन के मनोरंजन के लिए भी बेहतर प्रयास किए जाएंगे।

जिला कलक्टर ने कहा कि डोल शोभायात्रा के दौरान डीजे की ध्वनि को नियंत्रित रखे जाने के साथ मार्ग में अवरोध बनने वाली टीवी व इंटरनेट केबल को हटाया जाएगा। शोभायात्रा मार्ग की मरम्मत के साथ पुलिस थाने व चौकियों पर अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही शोभायात्रा के साथ व डोल मेला में चिकित्सा टीम उपलब्ध रहेगी। उन्होंने बैठक में चिकित्सा विभाग को एम्बुलेंस की उपलब्धता व मेले में खाद्य वस्तुओं की जांच करने, विद्युत निगम को सुचारू विद्युत आपूर्ति व लाइनों के मेन्टीनेंस, नगर परिषद को झूला-चकरी आदि की फिटनेस सुनिश्चित करने के साथ ओवरलोडिंग रोकने के निर्देश दिए। साथ ही मेला रंगमंच पर स्तरीय कार्यक्रमों के चयन तथा मेले के अंदरूनी मार्ग की रोड लाइट व दुकानों की लाइट के कनेक्शन पृथक-पृथक रखने को भी कहा गया। उन्होंने कहा कि शोभायात्रा के पूर्व अधिकारियों की टीम यात्रा मार्ग का निरीक्षण कर किसी भी प्रकार की कमियों को दूर करेगी। बैठक में अखाड़ों को एडवांस भुगतान का निर्णय भी लिया गया। बैठक में जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक अडांसु ने कहा कि डोल मेला जिले का सबसे महत्वपूर्ण पर्व है।

इसे गरिमापूर्ण व शांति के साथ आयोजित करना सबकी जिम्मेदारी है। मेले के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल का पुख्ता इंतजाम रहेगा। एएसपी राजेश चौधरी ने कहा कि शोभायात्रा में हथियारों का प्रदर्शन नहीं किया जाएगा। इस मेले में हथियारों की स्टॉल भी नहीं लगाई जाएगी। बैठक के दौरान अखाड़ा समितियों व व्यापार संघ की ओर से निर्बाध विद्युत आपूर्ति, मांस-मदिरा का विक्रय बंद रखने, मार्ग की मरम्मत, शोभायात्रा में ऊंटों को सम्मिलित नहीं किए जाने सहित अन्य सुझाव दिए गए। बैठक में एडीएम दिवांशु शर्मा, जिला परिषद सीईओ राजवीर सिंह चौधरी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, अखाड़ों व व्यापार संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
Author: Third Eye News 24
सत्यमेव जयते




