’विदेशी शिक्षा नीति ने हमारी संस्कृति एवं अर्थव्यवस्था पर आक्रमण किया प्रचारक हेमेंद्र’
बारां । भारतीय शिक्षण मंडल का गुरु वंदन उत्सव का आयोजन अखिल भारतीय प्रतिनिधि चतुर्भुज महावर के मुख्य आथित्य एवं अध्यक्षता जिला संयोजक प्रमोद शर्मा के संरक्षण में संपन्न हुआ। यहां श्रीराम स्टेडियम स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत मां शारदे एवं भारत माता के पूजन वंदन से की गई। उपसंयोजक प्रहलाद राठौर ने अतिथियों का परिचय एवं ध्येय वाक्य प्रस्तुत किया।कार्यक्रम का संचालन उप संयोजक रमेश पारेता ने किया। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक हेमेंद्र ने कहा कि हमें वसुदेव कुटुंबकम की भावना को प्रबल करना हैं। विदेशी शिक्षा पद्धति ने भारतीय विधाओं को समाप्त कर अर्थव्यवस्था के ढांचे को कमजोर किया, हमें सर्वे भवंतु सुखिनाः को साकार करना हैं। गुरु केवल एक शिक्षक नहीं होता, बल्कि ज्ञान व नैतिक शक्ति का पथप्रदर्शक होता हैंं। समय में समाज में विमर्श की महती आवश्यकता हैं। विद्यार्थियों को भारत के स्वत्व एवं संविधान का बोध होना चाहिए।

साथ ही हिंदुत्व का अध्ययन कराना चाहिए जिससे वह अपने धर्म को जाने पहचाने। पाठ्यक्रम में बदलाव एवं पंच परिवर्तन की आवश्यकता’ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय शिक्षण मंडल के अखिल भारतीय प्रतिनिधि चतुर्भुज महावर ने कहा कि वर्तमान में महाविद्यालय एवं विद्यालयों के शैक्षिक पाठ्यक्रम में बदलाव की महत्व आवश्यकता हैं। पाठ्यक्रम हमारी मातृभाषा में हो तथा अकबर महान जैसे विषय के स्थान पर महाराणा प्रताप शिवाजी महाराज जैसे शूरवीरों की शौर्य गाथाएं पाठ्यक्रम में समाहित हो, इसके साथ ही विद्यार्थियों को पंच परिवर्तन यथा कुटुंब प्रबंधन, सामाजिक समरसता ,पर्यावरण, स्वदेशी तथा नागरिक कर्तव्यों का बोध होना आवश्यक है ।शिक्षा ही किसी भी राष्ट्र की समृद्धि विकास और आत्मनिर्भरता की कुंजी है। भारतीय शिक्षण मंडल के जिला संयोजक प्रमोद शर्मा ने अपने अध्यक्षता उद्बोधन में गुरु की महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहां की गुरु ही अंधकार को दूर कर ज्ञान की ओर ले जाता हैं। हमें शिक्षण के द्वारा भारतीय युवाओं को सर्वांगीण विकास के साथ उनमें चेतना जागृत करते हुए बौद्धिक युवा तैयार करना है।
’गुरुजन का किया सम्मान’
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य एवं कीर्तिमान स्थापित करने के लिए शिक्षा जगत की प्रतिभाओं का सम्मान किया गया, जिसमें राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के सेवानिवृत्ति प्राचार्य डॉ. के. एम. मीणा, सेवानिवृत्ति अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी रामकरण नागर, सेवानिवृत्ति प्रधानाचार्य देवकीनंदन विजय एवं व्याख्याता आलोक दाधीच का शॉल उड़ा कर एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया।
भारतीय शिक्षण मंडल के पूर्व जिला संयोजक प्रहलाद मीणा ने आमंत्रित अतिथियों एवं आगंतुकों का आभार प्रदर्शित करते हुए कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की यह रहे मौजूद समारोह के दौरान पूर्व ब्लाक शिक्षा अधिकारी सरोज दीक्षित, प्रधानाचार्य हरिमोहन गालव, मंजू राठौर, रेखा सक्सेना, उषा शर्मा, प्रतिभा गुप्ता, इंदु शर्मा, राजेश पारेता, सेवानिवृत्ति प्रधानाचार्य शिवराज सिंह ,रामधन नागर, रामदयाल नागर ,व्याख्याता शारीरिक शिक्षक सी.बी. शर्मा, नीलम सिंह, शिक्षक संघ राष्ट्रीय के प्रांतीय उपाध्यक्ष पूरणमल नागर, जिला अध्यक्ष श्याम मेहता, संभाग संगठन मंत्री माणक मारन, शिवदान सिंह मीणा, सीताराम शर्मा, राधे मोहन शर्मा, सुरेश शर्मा, राजाराम सेन, राजकुमार राय, मनोज जैन, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन से मुकेश शर्मा, भागचंद नागर, जगदीश सोनी, प्रद्युम्न वर्मा, राकेश सोनी सहित शिक्षाविद एवं प्रबुद्ध नागरिक गण उपस्थित थे।
Author: Third Eye News 24
सत्यमेव जयते




