बारां। नाहरगढ़ स्थित आशापाला माता मंदिर में आज एकल अभियान अंचल बारां के नवनियुक्त आचार्यों के लिए 10 दिवसीय प्रारंभिक प्रशिक्षण वर्ग का विधिवत उद्घाटन हुआ। इस अवसर पर एकल अभियान के संरक्षक आचार्य परमानंद, समिति अध्यक्ष डॉ. सुरेश मेघवाल, स्थानीय समिति के कार्यकर्ता, अभियान प्रमुख लक्ष्मीनारायण और प्रशिक्षण प्रमुख प्रियंका चक्रधारी सहित कवाई, अटरू, और छबड़ा के संच प्रमुख तथा आचार्य भैया-बहन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हर्षोल्लास पूर्वक हुआ। समिति अध्यक्ष डॉ. सुरेश मेघवाल ने सभी नव-नियुक्त आचार्यों का स्वागत करते हुए एकल अभियान की भूमिका और उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि एकल अभियान किस प्रकार समाज को संस्कार प्रदान करने वाला महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। डॉ. मेघवाल ने आचार्यों को संबोधित करते हुए कहा कि वे इस प्रशिक्षण को गंभीरता से लें, क्योंकि यह उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए तैयार करेगा।
संरक्षक आचार्य परमानंद ने अपने उद्बोधन में एकल अभियान के कार्य को श्ईश्वरीय कार्यश् बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह अभियान गांवों के वंचित बालक-बालिकाओं को संस्कार देने और उनकी योग्यता बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। आचार्य परमानंद ने नवनियुक्त आचार्यों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि ईश्वर उन्हें इस पुनीत कार्य को संपन्न करने की क्षमता प्रदान करे।यह 10 दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग नवनियुक्त आचार्यों को एकल अभियान के मूल्यों, शिक्षण पद्धतियों और ग्रामीण बच्चों के साथ प्रभावी ढंग से जुड़ने के तरीकों से अवगत कराएगा। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य उन्हें ग्रामीण समुदायों में शिक्षा और संस्कार का दीप जलाने के लिए सशक्त बनाना है। यह प्रशिक्षण अभियान के लक्ष्यों को प्राप्त करने और ग्रामीण भारत में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
Author: Third Eye News 24
सत्यमेव जयते




