फार्मर आईडी बनाने के लिए चलेगा विशेष अभियान, उपखण्ड अधिकारी रहेंगे उत्तरदायी
बारां। जिले में किसानों की फार्मर आईडी बनाए जाने के लिए 15 जुलाई से 31 जुलाई तक सेचुरेशन शिविरों का आयोजन किया जाएगा। यह शिविर सुबह 9ः30 बजे से शाम 6 बजे तक जिले की सभी तहसीलों में लगाए जाएंगे। केवल शाहबाद तहसील को इसमें शामिल नहीं किया गया है। जिला कलक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य के भू प्रबन्ध आयुक्त, जयपुर के निर्देशानुसार एग्रीस्टैक योजनान्तर्गत यह अभियान संचालित किया जा रहा है। इस योजना के तहत पीएम किसान योजना के सक्रिय लाभार्थियों, जिनकी फार्मर रजिस्ट्री अब तक नहीं हुई है। उनका पंजीकरण किया जाएगा। प्रत्येक 3000 लाभार्थियों पर एक शिविर का आयोजन तहसील व गिरदावर मुख्यालय स्तर पर किया जाएगा।
इन शिविरों की संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित उपखण्ड अधिकारियों को सौंपी गई है। कृषि, सहकारिता एवं अन्य विभागों के ग्राम स्तरीय कार्मिकों को भी इसमें नियुक्त किया जाएगा। शिविरों में होने वाला व्यय सहकारिता विभाग के पीएम किसान प्रशासनिक फंड से वहन किया जाएगा। जिसकी गाइडलाइन 4 एवं 17 अप्रैल को जारी की गई थी। सेचुरेशन कैंपों के माध्यम से पूर्व में जिन क्षेत्रों में शिविर आयोजित हो चुके हैं। वहां छूटे हुए किसानों के लिए पुनः अवसर दिया जाएगा। रोटेशन के अनुसार पटवारी बुलाए जा सकेंगे। यदि इसके बावजूद पेंडेंसी रहती है। तो संबंधित क्षेत्र के पटवारी, कृषि पर्यवेक्षक एवं ग्राम विकास अधिकारी घर-घर जाकर फार्मर आईडी बनवाएंगे। शिविरों की योजना, कैंप चार्ट 14 जुलाई तक संबंधित उपखण्ड अधिकारी द्वारा पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। पहले हुए रजिस्ट्रेशन की फार्मर आईडी सिस्टम द्वारा स्वतः 24 घंटे के भीतर जनरेट हो जाती है।
जिनका अप्रूवल तहसीलदार व गिरदावर स्तर से किया जाना आवश्यक है। ई-केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद जिन किसानों का पंजीकरण शेष है। उनका विवरण ‘सेव एज ड्राफ्ट’ में दिख रहा है। ऐसे लंबित प्रकरणों का निस्तारण भी इसी अवधि में किया जाएगा। शिविरों की फोटोग्राफी समाचार कटिंग अपलोड करना भी अनिवार्य रहेगा। अद्यतन फार्मर रिक्वेस्ट के तहत अब किसानों की अन्य गांव या तहसील में स्थित भूमि को भी एग्रीस्टैक पोर्टल पर जोड़ा जा सकेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली, पानी बैठक व्यवस्था की संपूर्ण जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों की होगी। जो जिला परिषद के निर्देशानुसार कार्य करेंगी। फार्मर रजिस्ट्री के दौरान आने वाली तकनीकी समस्याओं का समाधान डीओआईटी टीम, कलेक्टर कार्यालय बारां द्वारा किया जाएगा। शहरी क्षेत्रों में कार्यवाही एलजीडी कोड प्राप्त होने के बाद अलग से की जाएगी।
Author: Third Eye News 24
सत्यमेव जयते




