विपरीत परिस्थितियों में तत्कालीन सरकार की अलोकतांत्रिक नीतियों का विरोध कर यातनाएं सहने वाले लोग हमारे आदर्शः राष्ट्रीय प्रवक्ता शर्मा
बारां । 1975 को भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार द्वारा लोकतंत्र की हत्या करते हुए आधी रात को लगाए गए आपातकाल की पचासवीं बरसी पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से विचार गोष्ठी आयोजित की गई। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने मीसा बंदियों एवं उनके परिवार जनों का सम्मान किया। शहर के कोटा रोड़ स्थित एक निजी रिसोर्ट में आयोजित सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता केके शर्मा रहे वहीं अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष नरेश सिकरवार ने की। समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय प्रवक्ता केके शर्मा ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में तत्कालीन सरकार की अलोकतांत्रिक नीतियों का विरोध कर यातनाएं सहने वाले लोग हमारे आदर्श है। भाजपा के प्रत्येक कार्यकर्त्ता उन्हे आदर्श के रूप में हृदय में संजोए रखते हैं। उन्होंने कहा कि मीसा कानून साल 1971 में लागू किया गया था।

लेकिन इसका इस्तेमाल आपातकाल के दौरान कांग्रेस विरोधियों, पत्रकारों सामाजिक कार्यकर्ताओं को जेल में डालने के लिए किया गया। उन्हें एवं उनके परिवारों को प्रताड़ित किया गया संपत्तियां जब्त कर ली गई। आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था अधिनियम में आपातकाल के दौरान कई संशोधन किए गए। इंदिरा गांधी की निरंकुश सरकार ने इसके जरिए अपने राजनीतिक विरोधियों को कुचलने का काम किया। जो भारतीय इतिहास का काला दिन था। शर्मा ने कहा कि आपातकाल के दौरान, नागरिकों के कई मानवाधिकारों का उल्लंघन किया गया। आपातकाल के बाद, 1977 में चुनाव हुए, जिसमें इंदिरा गांधी उनकी पार्टी को हारका सामना करना पड़ा। इस अवसर लोकतंत्र सेनानी रहे सेठ गणपतलाल अग्रवाल व प्रेमनारायण सोनी सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह में भाजपा जिलाध्यक्ष नरेश सिंह सिकरवार, धौलपुर से पूर्व सांसद मनोज राजौरिया, संगठन प्रभारी छगन माहुर, बगरू विधायक कैलाश वर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष नन्दलाल सुमन, बारां जिले के जनसंघ के संस्थापक सदस्य गणपत लाल अग्रवाल, आचार्य परमानंद, वरिष्ठ नेता प्रेमनारायण सोनी, रामस्वरूप यादव, यशभानु जैन, नागरिक बैंक चेयरमेन हरगोविंद जैन, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य संजीव भारद्वाज, संभागीय मीडिया सहसंयोजक राजेंद्र शर्मा, शहर अध्यक्ष ओपी पारेता, कार्यक्रम जिला संयोजक जयेश गालव व सहसंयोजक महावीर नामा आदि नेता मंचासीन रहे।

भाजपा जिला प्रवक्ता सचिन सनाढ्य एवं सहप्रवक्ता योगेश राजौरा ने बताया कि इस अवसर पर तत्कालीन इंदिरा गांधी सरकार उनकी नीतियों का विरोध कर लोकतंत्र को बचाने के लिए यातनाएं सहने वाले लोकतंत्र सैनानियों का शॉल ओढ़ाकर व श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम के जिला संयोजक जयेश गालव ने धन्यवाद ज्ञापित किया और संचालन जिला उपाध्यक्ष राकेश जैन ने किया। संगोष्ठी में भाजपा जिला महामंत्री ब्रम्हानंद शर्मा भाजपा नेता सूर्यकांत शुक्ला, लक्ष्मी नारायण केरवालिया, मुकेश केरवालिया, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष रोहित नागर, महिला मोर्चा अध्यक्ष राजेश हाड़ा, रघुराज केदाहेड़ी, निरंजन शर्मा, देहात अध्यक्ष अमरदीप केदाहेड़ी, पवन गंदोलिया, देवेंद्र पारेता, रोहित नंदवाना, वीरेंद्र सिंह हाड़ा, पुष्पदयाल मीणा, योगेश गौतम, भूपेन्द्र सुमन, रामप्रसाद नागर, राजमल मेहता, चंद्रशेखर बोहरा, भानु प्रताप हाड़ा, नेता प्रतिपक्ष दिलीप शाक्यवाल धनराज चोरसिया, रामलाल मेहता, ओम चक्रवर्ती, बृजेश दाधीच, जगदीश मेघवाल, लोकेश शर्मा, सीमा शर्मा, किरण भार्गव, अंतुरानी शर्मा, बद्रीप्रसाद मेघवाल, आई टी के जितेंद्र सिंह रहलाई एवं भानुप्रताप सिंह सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्त्ता मौजूद थे।
Author: Third Eye News 24
सत्यमेव जयते




