बारां । बुधवार को आत्मा सभागार में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार जिला परिषद धनराज मीणा ने फसल बीमा योजना पर विस्तार से चर्चा करते हुए जिले में खरीफ सीजन हेतु अधिसूचित फसलों के बारे में जानकारी देते हुए बीमा इकाई पटवार क्षेत्र और तहसील क्षेत्र के बारे में बताया साथ ही कृषकों को फसल बीमा करवाने की अंतिम तिथि 31 जुलाई रखी गई है के बारे में अवगत करवाया। सभी किसान भाइयों से अनुरोध किया कि जिले में कुल 218000 किसान जिनको केसीसी प्राप्त है। उनमें से मात्र 155000 के लगभग किसान ही फसल बीमा से जुड़े हैं। अतः जो भी केसीसी धारक कृषक है।
वह सभी फसल बीमा से जुड़े ताकि अनावश्यक ओलावृष्टि अतिवृष्टि या अन्य प्रकार की फसलों में दिशा निर्देश अनुसार हानि से बचा जा सके। अग्रणी शाखा प्रबंधक जनवेद मीणा ने बैंकों द्वारा किस तरह से पॉलिसी जारी की जाती है। सभी किसानों से अनुरोध किया कि गिरदावरी अनुसार अगर फसल में परिवर्तन करवाना चाहते हैं। तो 31 जुलाई से पूर्व अपनी बैंक शाखा में लिखित में प्रार्थना पत्र जरूर देवें। एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी के क्षेत्रीय कार्यालय जयपुर से पधारे उप प्रबन्धक सरिता यादव ने बताया कि फसल खराबा सूचना हेतु बीमा कंपनी द्वारा जारी टोल फ्री नम्बर एवं हेल्पलाइन नम्बर 14447 एवं कृषक रक्षक पोर्टल पर अपनी शिकायत कर सकते है। एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी के राज्य समन्वयक सचिन राहौरा ने किसानों को बताया कि जिस समय आपकी पॉलिसी तैयार की जाती हैं। इस समय आपके मोबाइल पर मैसेज प्राप्त होता हैं।
इसका मिलान संबंधित बैंक से प्राप्त पॉलिसी रसीद से अवश्य कर लेवें, ताकि फसल खराबा होने पर गलत सूचना के कारण किसान बीमा क्लेम से वंचित नहीं रह जाए। इस अवसर पर जिला प्रबंधक नाबार्ड घनश्याम मीणा ने बताया कि जिले में ऋणी कृषक एवं पॉलिसी धारक कृषकों के मध्य जो अन्तर हैं। उसे कम किया जाए एवं ज्यादा से ज्यादा किसानों को फसल बीमा योजना के बारे में जागरूक किया जाए। उपनिदेशक उद्यान आन्नदी लाल मीणा ने बीमा कवरेज बढ़ाने एवं उद्यानिकी फसलो में बीमा योजना एवं प्रीमियम के बारे में किसानों को जानकारी प्रदान की। मंच संचालन सांख्यिकी अधिकारी ज्ञान चन्द जाटव ने किया एवं उप परियोजना निदेशक आत्मा धनराज मीणा ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बारे में पी.पी.टी. प्रेजेंटेशन दिया। इस कार्यशाला में विभागीय अधिकारी, फील्ड स्टाफ सहित लगभग 50 कृषकों ने भाग लिया एवं जलपान करवाकर कार्यशाला का समापन किया गया।
Author: Third Eye News 24
सत्यमेव जयते




