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मुख्यमंत्री घुमंतू आवास योजना हर परिवार का सपना होगा साकार

स्थाई आवास की ओर बढ़ता राजस्थान का ऐतिहासिक कदम
राज्य सरकार का अभिनव प्रयास-विमुक्त, घुमंतू और अर्ध घुमंतू समुदायों को मिलेगा पक्का घर
बारां । प्रदेश का हर जन अपना जीवन अपनी छत के नीचे जिए, इसी संवेदनशील सोच के साथ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में जनकल्याण के लिए प्रतिबद्ध राजस्थान सरकार ने बजट वर्ष 2024-25 में मुख्यमंत्री घुमंतू आवास योजना की शुरुआत की है। यह योजना उन विमुक्त, घुमंतू और अर्द्धघुमंतू समुदायों के लिए वरदान बन रही हैं। जो वर्षों से समाज की मुख्यधारा से कटे हुए, झुग्गियों, तंबुओं और अस्थाई झोपड़ियों में जीवन बिता रहे थे। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में फैले ये समुदाय मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। स्वच्छ पानी, बिजली, शौचालय, सड़क और स्थाई आवास तक की व्यवस्था नहीं है। सरकार ने इनकी कठिन परिस्थितियों को समझते हुए इन्हें गरिमापूर्ण जीवन देने का संकल्प लिया है।

इस योजना के माध्यम से राज्य सरकार का लक्ष्य है कि वंचित समुदायों को पक्के मकान उपलब्ध कराकर स्थाई रूप से बसाया जाए। साथ ही उन्हें स्वच्छता, पीने का पानी, बिजली, शौचालय और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं प्रदान की जाएं। इस योजना का लाभ वहीं व्यक्ति उठा सकता हैं। जो राजस्थान राज्य का मूल निवासी हो, राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित विमुक्त, घुमंतू या अर्द्धघुमंतू जातियों में से हो, उसके पास जाति प्रमाण-पत्र तथा भूमि का वैध पट्टा हो, पूर्व में किसी अन्य आवास योजना का लाभ प्राप्त न किया हो, न्यूनतम आयु 18 वर्ष हो एवं परिवार की वार्षिक आय 5 लाख रुपए से अधिक न हो, संयुक्त परिवार की स्थिति में केवल एक व्यक्ति को लाभ मिलेगा।
योजना में शामिल जातियां 
विमुक्त जातियाँ- बावरी, कंजर, सांसी, बागरी, बावरिया, मोगिया, नट, नाइक, मुल्तानिस, भाट घुमंतू जातियाँ, बालदिया बंजारा, परधिस, गाडिया लोहार, जोगी कालबेलिया, सिकलीगर, घीसादीस इत्यादि अर्ध घुमंतू जातियाँ – भोपा, रबारी, भाया, कन्नीस, जंगलस, सिन्दुलस, जोगी इत्यादि।
घर बनाने के लिए तीन किस्तें 
राज्य सरकार द्वारा योजना के अंतर्गत लाभार्थी को 1.20 लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। प्रथम किश्त 20,000 रुपए नींव के लिए अग्रिम, द्वितीय किश्त 50,000 रुपए लिंटर तक तथा तृतीय किश्त 50,000 रुपए छत सहित निर्माण पूर्ण होने पर दिए जाएंगे। साथ ही 12000 शौचालय निर्माण हेतु स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत 23,940 रुपए तक की मनरेगा मजदूरी 90 दिवस की मजदूरी। सभी राशियाँ सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ऑनलाइन स्थानांतरित की जाएँगी। पात्र व्यक्ति ई-मित्र कियोस्क या एसएसओ आईडी के माध्यम से पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

आवश्यक दस्तावेज आधार कार्ड, जनाधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, भूमि पट्टा, शपथ पत्र वार्षिक आय संबंधी। ग्रामीण क्षेत्र में आवेदन विकास अधिकारी एवं शहरी क्षेत्र में नगरपालिका अधिकारी के पास किया जाएगा। संबंधित अधिकारी की अनुशंसा के पश्चात आवेदन जिला सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता अधिकारी को भेजा जाएगा, जो राशि का आवंटन करेंगे। मुख्यमंत्री घुमंतू आवास योजना एक क्रांतिकारी पहल हैं। जो वंचित समुदायों के जीवन में स्थायित्व, गरिमा आत्मसम्मान लाने का कार्य करेगी। यह सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि उनके जीवन में उजाले की किरण है। राजस्थान सरकार का यह प्रयास न केवल सामाजिक न्याय की दिशा में एक मजबूत कदम है, बल्कि यह समावेशी विकास की परिभाषा को भी नए आयाम देता है ।

Third Eye News 24
Author: Third Eye News 24

सत्यमेव जयते

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