बारां । छबड़ा विधायक व पूर्व मंत्री प्रताप सिंह सिंघवी ने नए जिलों के पुनर्गठन के पश्चात राजस्थान प्रदेश का समेकित भौगोलिक और राजनैतिक मानचित्र शीघ्र जारी करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में हाल ही में हुए जिलों के पुनर्गठन के बाद भी अब तक प्रदेश का समेकित भौगोलिक और राजनैतिक मानचित्र जारी नहीं किया गया है, जिससे आमजन के साथ-साथ प्रशासनिक व्यवस्थाएं भी प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई नए जिलों का गठन कर महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है, लेकिन इन नए जिलों की सटीक सीमाएं, मुख्यालय और प्रशासनिक ढांचे को लेकर अब तक कोई आधिकारिक मानचित्र जनता के समक्ष नहीं आया है इससे आम नागरिकों को अपने जिले की पहचान, सीमाओं और अधिकार क्षेत्रों को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। राजस्थान के नागरिकों को यह जानने का अधिकार है कि वे किस जिले में आते हैं, उनकी तहसील, उपखंड और विकास खंड की स्थिति क्या है। जब तक राज्य सरकार एक समेकित और अधिकृत मानचित्र जारी नहीं करती, तब तक यह असमंजस की स्थिति बनी रहेगी। इससे न केवल आमजन को बल्कि विभिन्न सरकारी विभागों को भी परेशानी हो रही है। सिंघवी ने सरकार से मांग की है कि वे प्रदेश का समेकित राजनैतिक एवं भौगोलिक मानचित्र जारी करवाएं ताकि राज्य के प्रशासनिक तंत्र को मजबूती मिले और प्रदेश के नागरिकों को सुविधा मिल सकें।
Author: Third Eye News 24
सत्यमेव जयते




