’राजधानी को घेरने 21 मई को हर संभाग से शिक्षक वाहन जत्थों से करेंगे शुरुआत
27 मई से पैदल मार्च करते हुए सरकार को घेरेंगे राज्य के शिक्षक’
बारां 26 अपै्रल। राजस्थान शिक्षक संघ (शेखावत) की प्रान्तीय कार्यकारिणी के निर्णयानुसार स्थाई स्थानांतरण नीति के द्वारा अविलंब अध्यापकों के न्यायपूर्ण स्थानांतरण करने, बकाया पदोन्नति पूर्ण करने, शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने तथा शिक्षाघाती राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की पुनः समीक्षा करने आदि मुद्दों को लेकर राज्य के शिक्षक संघर्ष के मैदान में उतरेंगे। संघर्ष समिति के संयोजक प्रेमचंद नागर, नरेन्द्र कुमार मीणा ने बताया कि राज्यव्यापी आंदोलन कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न चरणों में आंदोलन किया जाएगा और राज्य भर से शिक्षक वाहन जत्थों से कूच प्रारम्भ करेंगे और पैदल मार्च करते हुए राजधानी के चारों दिशाओं से सरकार को घेरेंगे।
उन्होंने कहा कि आन्दोलन के प्रथम चरण में संगठन 21 तथा 22 अप्रैल को प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर जिला कलेक्टर के माध्यम से सरकार को ज्ञापन और चेतावनी दे चुका है। आन्दोलन के द्वितीय चरण में 1 मई को जिला मुख्यालयों पर विशाल प्रदर्शन किये जायेंगे। इसी प्रकार अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी संयुक्त महासंघ के राष्ट्रीय आव्हान पर संगठन 20 मई को राष्ट्रव्यापी हड़ताल कार्यक्रम में पूरी ताकत और गर्मजोशी से शामिल होते हुए अन्य संगठनों के साथ एक बार पुनः विरोध प्रदर्शन करेगा।
सभी जिला मुख्यालयों पर जिला कलेक्टर्स के माध्यम से ज्ञापन दिये जायेंगे। यदि सरकार ने समय रहते शिक्षकों की वाजिब समस्याओं का समाधान नहीं किया तो संगठन आन्दोलन को तेज करते हुए तृतीय चरण में 21 मई को हर संभाग से ’वाहन जत्थों’ द्वारा शिक्षकों का ’राजधानी जयपुर की ओर कूच’ को सफल बनाने के लिए संभाग की सभी तहसीलों में जाकर शिक्षकों को एकजुट करेगा तथा 26 मई को संभाग के सभी जत्थे सीकर, किशनगढ़, टोंक तथा दौसा में पहुंच कर जयपुर कूंच की तैयारी करेंगे। जबकि 27 मई को सीकर, किशनगढ, टोंक तथा दौसा से शिक्षक विशाल जत्थों में राजधानी जयपुर के लिए पैदल कूच करेंगे। इसके बाद 2 जून को चारों ओर से राजधानी जयपुर में पैदल जत्थों का प्रवेश होगा और शिक्षकों द्वारा जुझारू विरोध प्रदर्शन किया जायेगा।
Author: Third Eye News 24
सत्यमेव जयते




