मुनि संघ का बारां मे हुआ भव्य मंगल प्रवेश
बारां 24 नवम्बर. मानव तो बहुत है पर मानवता कितने लोग मे है यह देखने की जरुरत है, क्या है जो आपको नहीं भूलना चाहिए वह है भय, डर का वक्त आता है तो आप लोग भी आंख बंद करके बैठ जाते हो डरना नहीं जीवन में कभी भी कुछ भी हो कोई भी परिस्थिति हो डरना नहीं, विश्व की सबसे कठिन साधना है मुनि बनना, उन्हें नहीं पता होता की कल कहां सोएंगे रात को सोएंगे तो सुबह आंख खुलेगी कि नहीं इसलिए डरना ना सीखे, करना सीखे कोई भी काम पहली बार करो सही नहीं होगा, लेकिन धीरे-धीरे आप उस काम को बेहतर करते जाओगे! उक्त विचार प्रवचन के दौरान मुनिश्री ने कहे.

जैन समाज के सांस्कृतिक सचिव अंकित पाटनी व नोहरा सयोजक धनेश गोधा ने बताया कि इससे पहले आध्यात्मयोगी आचार्यश्री 108 विशुद्धसागर महाराज के प्रज्ञावंत शिष्य श्रुतसंवेगी श्रमणरत्न मुनिश्री 108 आदित्यसागर मुनिराज ससंघ का बारां पहुंचने पर भव्य मंगल प्रवेश पर सकल जैन समाज बारां द्वारा भव्य अगवानी की गई .

जैन समाज के प्रवक्ता अमित जैन ने बताया कि मुनि संघ की बालाजी राइस मिल पर पहुंचने पर सकल जैन समाज द्वारा कई परिवारों द्वारा पाद – पक्षालन किया गया एवं हॉस्पिटल रोड से होते हुए जैन जोड़ला मंदिर मे प्रवेश हुआ. जहा मुनि श्री के प्रवचन हुए! प्रशांतमती सभागार मे मुनि संघ का पक्षलान किया गया. जिसके पुण्यजार्क परिवार श्रीमति चंदा देवी, बीना पाटनी, अंकुश पाटनी परिवार रहे एवं शास्त्र भेट के पुण्यजार्क श्रीमती निर्मला देवी विवेक, बबिता सोगानी परिवार रहे एवं उसके पश्चात आहार चर्या संपन्न हुई! जिसका सौभाग्य दीपचंद धनेश प्रिंस गोधा परिवार, मोहन लाल बिलाला परिवार, ललित कुमार चांदवाड एवं श्रीमति कंचन बाई वीरेंद्र कासलीवाल परिवार को प्राप्त हुआ.
Author: Third Eye News 24
सत्यमेव जयते




