बारां। अब हर हाथ में आया मोबाइल फोन जी का जंजाल बनने में देर नहीं लगती। नासमझीवश इसके उपयोग से अनेक लोग जहां अपनी जमा पूंजी लुटा चुके होते हैं। वहीं कईयों की जान सांसत में पड़ जाती है। तकरीबन 90 प्रतिशत लोगों के लिए यह दुविधा से कम नहीं। साइबर क्राइम से जुड़े लोग इन लोगों को फंसा रहे हैं। सावधानी नहीं बरतने पर किशोर से लेकर बुजुर्गों तक को इसका शिकार होना पड़ रहा है। साइबर क्राइम के बारां भी कई बड़े मामले सामने आए हैं।
केस-1
बारां में हाल ही में साइबर सेल पुलिस के पास शेयर मार्केट के नाम पर जिला मुख्यालय के एक युवक के साथ तकरीबन एक करोड़ रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस इसमें गहनता से अनुसंधान कर कार्यवाही कर रही है।
क्या करें
मजबूत पासवर्ड रखें, टू फैक्टर आर्थिटिकेशन चालू करें, बैंकिंग एप और मोबाइल नियमित अपडेट करें, सोशल मीडिया प्राइवेसी सेटिंग्स जांचें, बच्चों को उपयोग सिखाएं।
क्या न करें
अनजान लिंक या एपीके डाउनलोड न करें। ओटीपी, एटीएम पिन, सीवीवी किसी से साझा न करें, फ्री ऑफर या लॉटरी मैसेज पर भरोसा न करें।
चपत लगा रहे हैं रुपए की
गेमिंग के जरिए फांस रहे हैं दसवीं से बारहवीं स्तर के बच्चों को। ओटीपी के जरिए ठगी कर रहे हैं किसानों और महिलाओं के साथ। हनीट्रैप के अपराध में फंसाने के लिए रच रहे हैं कई साजिशें।
एक्सपर्ट व्यू
अभिभावकों को बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखने और उन्हें सुरक्षित व्यवहार सिखाने की जरूरत है। बच्चों के यदि बैंक खाते हैं तो उसकी डिटेल भी रखें। विशेषकर मां के खाते का उपयोग बच्चा कर रहा है तो ध्यान रखें। सुरक्षित इंटरनेट एक निरंतर प्रयास है ताकि इंटरनेट को ज्ञान, विकास और सकारात्मक संवाद का माध्यम बनाया जा सके।
– पूनम पाटनी, जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी, एनआइसी
यहां कर सकते हैं शिकायत
साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 और साइबर क्राइम के पोर्टल पर शिकायत दर्ज की जा सकती है। थानों में भी अब शिकायत हो रही है।

इंटरनेट सेफर डे पर किया जागरूक
इंटरनेट सेफर डे के अवसर पर जिले में साइबर सुरक्षा और सुरक्षित इंटरनेट उपयोग को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों और कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल जागरूकता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिले के सभी पंचायत समिति स्तर पर स्थित अटल सेवा केंद्रों पर ऑनलाइन कार्यशालाएं आयोजित की गईं। इसके अतिरिक्त सभी विद्यालय प्राचार्यों एवं आइए के लिए भी ऑनलाइन कार्यशाला आयोजित की गई। इन सत्रों के दौरान स्टे सेफ ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से साइबर सुरक्षा संबंधी क्विज, वीडियो, उपयोगी टिप्स तथा अन्य डिजिटल संसाधनों के जरिए जागरूकता बढ़ाई गई।
ऑफलाइन कार्यशालाओं के माध्यम से भी व्यापक स्तर पर सहभागिता सुनिश्चित की गई। आईटीआई डीडीयू-जीकेवाई प्रशिक्षण केंद्र-1, नेशनल पैरामेडिकल साइंस सोसायटी आईटीआई तथा राव लाल सिंह शिक्षा समिति आईटीआई, बारां में बालिकाओं के लिए साइबर सुरक्षा जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में कुल 203 प्रशिक्षणार्थी छात्राओं ने भाग लिया और सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, डिजिटल ठगी से बचाव तथा डेटा गोपनीयता के बारे में जानकारी प्राप्त की।
इसके अतिरिक्त आकांक्षी ब्लॉक किशनगंज, बारां में राजीविका के सहयोग से ऑफलाइन कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें 131 स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने भाग लिया। प्रतिभागियों को साइबर खतरों, ऑनलाइन धोखाधड़ी तथा सुरक्षित डिजिटल लेनदेन के बारे में जागरूक किया गया। इस अवसर पर कोटा रोड स्थित रेलवे ओवरब्रिज पर ऑनलाइन सुरक्षा से संबंधित जनजागरूकता फ्लेक्स लगाया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में संयुक्त निदेशक डीओआइटी, जिला रोल आउट मैनेजर आइरैड एवं एबी ब्लॉक फैलो का विशेष सहयोग रहा।
Author: Third Eye News 24
सत्यमेव जयते




