साहित्य परिषद व हिन्दी प्रचारिणी सभा ने मनाया हिन्दी दिवस,
6 साहित्यकारों को नवाजा
बारां 16 सितम्बर। अखिल भारतीय साहित्य परिषद् और हिन्दी प्रचारिणी सभा, बारां के संयुक्त तत्वावधान में ’राष्ट्रीय हिन्दी-दिवस समारोह’ रविवार को हिंदी प्रचारिणी सभा भवन में आयाजित किया गया। दो सत्रों में चले समारोह में 6 साहित्याकारों को सम्मानित किया गया। परिषद अध्यक्ष बच्छराज राजस्थानी व प्रेस सचिव राजेश पंकज ने बताया कि प्रथम सत्र में ’हिन्दी भाषा का वैश्विक परिदृश्यः संभावना व चुनौतियाँ’ विषय पर परिचर्चा के साथ छः साहित्यकारों का सम्मान किया गया। इस सत्र की अध्यक्षता हिन्दी प्रचारिणी सभा के सचिव एडवोकेट ओमप्रकाश खण्डेलवाल ने की। मुख्य अतिथि कोटा के वरिष्ठ साहित्यकार एवं प्रोफेसर डॉ. आदित्य कुमार गुप्ता थे। परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रद्युम्न वर्मा ने सानिध्य प्रदान किया। विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय कवि संगम के जिलाध्यक्ष दयाचंद जैन एवं शिक्षाविद् प्रह्लाद कुमार मीणा थे। सरस्वती वंदना परिषद् विभाग संयोजक गीतकार भैरवलाल भास्कर ने की तथा संचालन युवा साहित्यकार सत्येन्द्र वर्मा द्वारा किया गया। कोटा के वरिष्ठ साहित्यकार प्रोफेसर डॉ. आदित्य कुमार गुप्ता, अंता के वरिष्ठ साहित्यकार ओम सोनी मधुर, आर्यावर्त साहित्यिक संस्था, कोटा के संस्थापक एवं वरिष्ठ साहित्यकार आनंद हजारी, युवा गीतकार रामदिल कंडारा, गीतकार पुष्पदयाल वर्मा, रामनिवास डांगोरिया को नकद राशि, शॉल, प्रमाण पत्र एवं श्रीफल देकर साहित्य साधना एवं अवदान के लिये सम्मानित किया गया। इस अवसर पर परिषद् द्वारा तीन विद्यालयों में आयोजित निबंध व प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा मदीना अंसारी, कीर्ति कुमारी, छात्र मोहित कुमार व द्वितीय स्थान प्राप्त छात्र क्रिश बैरवा, छात्रा नकुल, वेदिका नागर और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा चंचल मीणा, देवेशी प्रजापति, छात्र बादल कुमार को प्रमाण पत्र एवं नकद राशि से सम्मानित किया। परिचर्चा के विषय का प्रवर्तन करते हुए मुख्यातिथि ने विश्व में हिंदी भाषा की स्थिति से अवगत कराया तथा प्रद्युम्न वर्मा ने कहा कि आज हिंदी की विश्व में अच्छी स्थिति है। दुनिया में तीसरे नम्बर पर सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा हिंदी ही है तथा इसके प्रचार-प्रसार में विश्व बाजारवाद की अहम् भूमिका रही है। यदि विदेशी कंपनियों को अपना उत्पाद भारत के बाजार में बेचना है तो उन्हें यहाँ की राष्ट्रभाषा हिंदी को सीखना होगा। ओम सोनी मधुर ने हिंदी को अपने आचरण और चरित्र में उतारने की बात कही तभी हम हिंदी भाषा को पूर्ण सम्मान दे सकते हैं। दयाचंद जैन और प्रह्लाद कुमार मीणा ने भी विषय पर अपनी बात कही। दितीय सत्र काव्य गोष्ठी के मुख्यतिथि राष्ट्रीय कवि जगदीश सोनी थे। जिन्होंने कहा कि अहिन्दी भाषी क्षेत्रों के लोगों को यदि हिंदी सिखानी है तो वहाँ के साहित्यकारों की कृतियों का हिन्दी भाषा के साहित्यकारों को अनुवाद करना चाहिए। अध्यक्षता नगर के वरिष्ठ साहित्यकार तथा परिषद् के चित्तोड़ प्रांत सदस्य ओमप्रकाश शास्त्री ने की तथा हिंदी पर काव्यपाठ किया,वहीं विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार आनंद हजारी एवं मांगरोल के वरिष्ठ गीतकार जगदीश निराला रहे। इस सत्र का संचालन युवा कवि व परिषद् के महासचिव रमन अजमेरा द्वारा किया गया। लगभग तीन दर्जन से अधिक कवियों द्वारा काव्य पाठ किया गया। हिन्दी प्रचारिणी सभा के सचिव ओमप्रकाश खण्डेलवाल ने संभागभर से आए सभी साहित्यकारों व साहित्य प्रेमियों का आभार प्रकट किया।
फोटो 1 बारां।
Author: Third Eye News 24
सत्यमेव जयते




