ग्रीष्मकाल में पक्षी संरक्षण का संदेश: बोरखेड़ा में परिंडे वितरण व जल–दाना संकल्प कार्यक्रम आयोजित
बारां,6 जून। ग्रीष्म ऋतु में बढ़ती तपिश के बीच पक्षियों के संरक्षण और संवेदनशीलता का संदेश देते हुए वरिष्ठजन कल्याण समिति कोटा एवं अखिल भारतीय कौशिक गायत्री परिवार बोरखेड़ा के संयुक्त तत्वावधान में नागरिक सुरक्षा संगठन डिवीजन-4 तथा स्वर्गीय अमिता भार्गव देह दानी नेत्र दानी संस्थान के सहयोग से बोरखेड़ा गायत्री आश्रम परिसर में परिंडे बांधने एवं जल–दाना संकल्प कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।
वरिष्ठजन कल्याण समिति के प्रचार–प्रसार सचिव श्री एस. के. अग्रवाल ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान संस्थान के प्रबंधक कुलदीप मिश्रा एवं सदस्य नीरज प्रकाश ने अपने परिवारजनों के साथ परिंडों में नियमित रूप से जल और दाना डालने का संकल्प लिया। इस अवसर पर उपस्थित सभी प्रतिभागियों को भी परिंडे वितरित किए गए और उन्हें अपने घरों पर स्थापित कर प्रतिदिन जल भरने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम संयोजक अरुण भार्गव ने जानकारी दी कि अखिल भारतीय कौशिक गायत्री परिवार के प्रधान संचालक एवं वरिष्ठजन कल्याण समिति के महासचिव श्री यज्ञ दत्त हाड़ा की प्रेरक पहल पर समिति के अध्यक्ष श्री राजेंद्र कुमार गौड़ के सानिध्य में कुल 11 परिंडे स्थापित किए गए। आयोजन का उद्देश्य नागरिकों में करुणा, प्रकृति–प्रेम और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को सुदृढ़ करना रहा।
कार्यक्रम में वरिष्ठजन कल्याण समिति के सदस्य नरेंद्र शर्मा, दिलीप नाबर, आनंदीलाल कुशवाहा, भंवरलाल नर्सल सहित नागरिक सुरक्षा संगठन के वरिष्ठ स्वयंसेवक अमरलाल, हनुमान कुशवाहा, रामावतार, राकेश कुमार बघेल, पवन आदि ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
समिति के अध्यक्ष श्री राजेंद्र कुमार गौड़ ने अपने संबोधन में कहा कि ग्रीष्मकाल में मनुष्यों के साथ–साथ पक्षियों की आवश्यकताओं का ध्यान रखना हम सभी का नैतिक दायित्व है। उन्होंने आग्रह किया कि प्रत्येक नागरिक अपने आसपास परिंडे लगाकर प्रतिदिन दाना–पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करे, ताकि प्रकृति और जीव–जगत के प्रति हमारी संवेदनशीलता व्यवहार में भी दिखाई दे।
कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण और पक्षी–हित के लिए सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
Author: Neeta Sharma
free Lancer, writer and editor


