प्रेस विज्ञप्ति
बारां , 6 जुलाई। “पेड़ पौधों से ही हमारी प्रकृति है। प्रकृति कल्याण करती है। पेड़ों की ताजा हवा मिलेगी तो ही हम जीवित और स्वस्थ रहेंगे।
शाहबाद जंगल के 25 से 28 लाख पेड़ों की कटाई रोकने हेतु हमें जितना भी संघर्ष करना होगा करेगें। ” ये विचार शाहबाद घाटी संरक्षण संघर्ष समिति बारां द्वारा चलाए जा रहे शाहबाद जंगल बचाओ आंदोलन के कोटा संभाग प्रभारी राजेन्द्र कुमार जैन ने कोटा शहर में शाहबाद जंगल बचाने के लिए शुरू किए ” जन जागृति अभियान” के शुभारंभ अवसर पर व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि ” शाहबाद जंगलों में बेशकीमती जड़ीबूटियां है जो इस जंगल के कटने से नष्ट हो रही है। हजारों लाखों सहरियाओं व अन्य समुदाय के लोगों के परिवार इस जंगल से अपनी आजीविका कमा कर अपने परिवार जनों को पाल रहे हैं। इस जंगल को शाहपुरा पम्पड़ स्टोरेज पावर प्लांट लगाने हेतु काटने की तैयारी की जा रही है जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
शाहबाद घाटी संरक्षण संघर्ष समिति बारां के संरक्षक बृजेश विजयवर्गीय और एड प्रशान्त पाटनी ने कोटा तलवंडी में आयोजित डोर टू डोर जा जागृति अभियान शुरू कर लोगों को शाहबाद जंगल की कटाई कर निजी बिजली परियोजना स्थापित किए जाने की जानकारी दी साथ ही इस जंगल के कटने से होने वाले नुकसानों से अवगत कराया।
Author: Neeta Sharma
free Lancer, writer and editor




